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Indore: पीथमपुर में 2 जनवरी से खड़े कंटेनरों को ट्रकों से किया गया अलग, यूका कचरेे का निपटान अभी नहीं

Thu, 13 Feb 2025 07:08 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

1 जनवरी को 12 कंटेनरों में 437 टन कचरा भोपाल से इंदौर लाया गया।कचरा रामकी प्लांट तक तो पहुंच गया, लेकिन दूसरे दिन पीथमपुर में कचरे का इतना पुरजोर विरोध हुआ कि सरकार को सारी वस्तुस्थित हाईकोर्ट के समक्ष रखना पड़ी।
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पीथमपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर के समीप पीथमपुर की रामकी कंपनी में 41 दिनों से खड़े यूनियन कार्बाइट कचरे से भरे कंटेनरों को ट्रकों से अलग करने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हुई। इस दौरान परिसर में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे और आसपास तगड़ी पुलिस सुरक्षा थी।

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कचरे के निपटान को लेकर अभी सरकार की तरफ से कोई घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल जनसंवाद कर लोगों के मन में कचरे को लेकर फैली भ्रांतियां दूर की जा रही है।

1 जनवरी की रात को 12 कंटेनरों में 437 टन कचरा भोपाल से इंदौर लाया गया। सात घंटे में 200 किलोमीटर की दूरी तय कर कचरा रामकी प्लांट तक तो पहुंच गया, लेकिन दूसरे दिन पीथमपुर में कचरे का इतना पुरजोर विरोध हुआ कि सरकार को सारी वस्तुस्थित हाईकोर्ट के समक्ष रखना पड़ी। तब सरकार ने कोर्ट से कचरे को कंटेनरों से हटाने के बारे में पूछा था, तो कोर्ट ने कहा था कि इसके लिए सरकार स्वतंत्र है।

तीन घंटे में सीलबंद कंटेनर ट्रक से हटे

दोपहर दो बजे कंटेनरों को हटाने का काम शुरू हुआ। तीन घंटे में कंटेनरों को ट्रक से अलग किया गया, हालांकि कंटेनरों को खोला नहीं गया। कंटेनरों को हटाने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

परिसर के आसपास पांच थानों का बल लगाया गया था। सभी कंटेनरों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा जाएगा। अफसरों ने कहा कि जब तक कचरे को लेकर आम सहमति नहीं बनेगी, तब तक कचरे का निपटान नहीं किया जाएगा।

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आपको बता दे कि 3 जनवरी को कचरा जलाने का पीथमपुर में विरोध हुआ था। 4 जनवरी को रामकी कंपनी के पास की बस्ती की तरफ से पथराव हुआ था। रामकी भस्मक के समीप 2 हजार परिवारों की आबादी का तारापुर गांव है।

 

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