इंदौर में सिंहस्थ के हिसाब से कई काम हो रहे है। जिस शिप्रा नदी में लोग अमृत स्नान करते है। उसे दूषित होने से बचाने के लिए इंदौर में एसटीपी प्लांट बनाए जा रहे है। इंदौर की कान्ह नदी से ही शिप्रा सबसे ज्यादा प्रदूषित होती है, लेकिन कबीटखेड़ी में बन रहे 160 एमएलडी के प्लांट की निर्माण की मंद गति देखकर निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव नाराज है। उन्होंने शोकाज नोटिस कंपनी को जारी किया है। यह भी कहा गया है कि कार्य में गति नहीं आने पर ब्लैक लिस्ट करने का फैसला भी लिया जा सकता है।
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निगमायुक्त ने कार्य की गति धीमी होने से गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई साथ ही कंसल्टेंट एजेंसी से भी जवाब तलब किया। निर्माण समय पर पूरा करने करने के लिए श्रमिक व संसाधन बढ़ाने को भी कहा गया है। एजेंसी को कहा कि जो कार्य समय सीमा में नहीं हो पाया है उसे दो शिफ्टों में करें।
नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत 416 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर शहर में तीन स्थानों एसटीपी प्लांट निर्माणाधीन है। जिनमें 35 एमएलडी किला मैदान के पास (मंडी सचिव कार्यालय के पास), 120 एमएलडी कबीट खेड़ी एवं 40 एमएलडी कनाडिया में बन रहे है।
सिंहस्थ से पहले इनका निर्माण पूरा होना है, लेकिन कबीटखेड़ी प्लांट की गति देखकर लग नहीं रहा है कि वह समयसीमा में पूरा हो पाएगा। तीनों में सबसे बड़ा प्लांट यही है और इसके निर्माण की गति सबसे धीमी है। इस कारण ठेकेदार फर्म मेसर्स निरकेयर इंडिया लिमिटेड को अंतिम चेतावनी दी गई अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को एजेंसी के मालिक नीरज श्रीवास्तव को मंगलवार को बुला कर अंतिम बार समझाइश देने के लिए कहा है।