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Indore: मेट्रो के लिए गठित कमेटी ने किया दौरा, पुरातत्व महत्व के भवन मेट्रो प्लानिंग के 300 मीटर के दायरे में

Tue, 02 Jun 2026 09:05 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर मेट्रो के प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हेरिटेज स्थलों के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जिला प्रशासन की जांच समिति ने राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। 
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कमेटी ने किया दौरा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम अभी शुरू भी नहीं हो पाया है और इसका मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी आपत्तियों के निराकरण के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने इस मामले में एक जांच समिति गठित की है, जिसमें संबंधित अधिकारी भी शामिल हैं। समिति ने मंगलवार को राजवाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया तथा मेट्रो के अंडरग्राउंड ट्रैक की योजना का निरीक्षण किया।

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अब इस मामले में 4 जून को सुनवाई होगी। समिति ने करीब डेढ़ घंटे तक क्षेत्र का दौरा किया। कोडवानी ने कहा कि मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के 300 मीटर के दायरे में बोलिया सरकार छत्री, कृष्णपुरा छत्री और राजवाड़ा जैसे पुरातात्विक महत्व के भवन स्थित हैं। उनका कहना है कि यह हेरिटेज एक्ट का उल्लंघन है। कोडवानी ने यह भी बताया कि उन्होंने पुरातत्व विभाग से पूछा है कि क्या मेट्रो की योजना तैयार करने से पहले विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई थी।
 

आपको बता दें कि इंदौर में 8 किलोमीटर से अधिक हिस्से में मेट्रो का भूमिगत निर्माण प्रस्तावित है। पहले नाथ मंदिर रोड से मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाना था, लेकिन बाद में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की आपत्ति के बाद मेट्रो का रूट खजराना क्षेत्र से प्रस्तावित किया गया। उधर, मेट्रो स्टेशनों के निर्माण का दो स्थानों पर विरोध भी जारी है।

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