देश में स्वच्छता को लेकर पहचान बनाने वाले इंदौर ने जलवायु परिवर्तन में नई लकीर खींची है। 100 दिन के इंदौर क्लाइमेट मिशन में डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली बचाई है। अभियान के तहत नगर निगम और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के प्रो.चेतन सिंह सोलंकी ने शहर में चार लाख से ज्यादा लोगों को ऊर्जा साक्षर बनाया। रहवासी संघों, स्कूल, काॅलेजों में जाकर चौपाल लगाई और जलवायु परिवर्तन के खतरों को और उन्हें कम करने के उपयों को बताया।
मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से बारह हजार मेट्रिक टन कार्बन डाईआक्साइड गैस का उत्सर्जन रुका। दो माह के अभियान में पौने दस करोड़ रुपये की वित्तिय बचत भी दर्ज हुई।
प्रो.सोलंकी ने कहा कि दूसरे देश कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे है, लेकिन इंदौर ने जनभागीदारी से इस मिशन को अंजाम दिया है। जो चार लाख से ज्यादा लोग ऊर्जा साक्षर बने है, उनमे ज्यादातर बच्चे और युवक है। वे बिजली बचत का संस्कार भी अभियान के बहाने सीख गए है, जो जीवनभर के लिए आदत मेें बदल जाएगा।
उन्होंने बताया कि 100 दिन के इस अभियान में जलवायु चौपाल लगाई। सौर ऊर्जा चलित बसें चलाई गई। प्रचार प्रसार किया गया। इंदौर ने जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए जो मिसाल बनाई है, वह दूसरे शहरों के लिए भी अनुकरणीय साबित होगी। इस अभियान को जल्दी ही कार्बन क्रेडिट क्लेम के लिए भी भेजा जाएगा।