शहर में अग्नि सुरक्षा अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही है, क्योंकि पुराने बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की कमी के कारण आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। जांच में सामने आया कि बाल श्रमिकों को बंगाल से लाया जाता है।
इंदौर की मोरसेली गली में प्रशासन की टीम ने छापा मार कार्रवाई की। यहां मेटल पिघलाकर आभूषण बनाने वाले कारखाने पर कई अनियमितताएं मिली। इस दौरान कारखाने से 27 घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए। इसके अलावा इस क्षेत्र की पांच दुकानों में भी पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम नहीं पाए गए। इतना ही नहीं यहां बाल श्रमिक काम करते मिले हैं। टीम ने कार्रवाई करते हुए संचालक के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
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बता दें कि प्रशासन ने 'अग्नि सुरक्षा' के लिए शहर में अभियान चलाया हुआ है। शहर के पुराने इलाकों की छोटी गलियों में कारखाने संचालित होते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते हैं। हाल ही में क्लाथ मार्केट में छह दुकानों में आग लग गई थी। इससे पहले सराफा में भी एक मकान में आग लगने की घटना हो चुकी है।
बंगाल से लाया जाता है बाल श्रमिकों को
प्रशासन के छापेमारी में बाल श्रम का भी बड़ा मामला सामने आया है। यहां दुकान संचालक इन बाल श्रमिकों से खतरनाक काम कराते हैं। जैसे मेटल पिघलाने, तेजाब से धातु धोने का काम कराया जाता है। इन बच्चों को बंगाल से लाया जाता है और उनके माता-पिता को सालभर का पैसा इसके एवज में दिया जाता है। इस क्षेत्र में कई अन्य संस्थान हैं, जहां बाल श्रमिकों से काम कराया जा रहा है। प्रशासन अन्य क्षेत्रों की जांच भी करेगा और उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
खाद्य विभाग ने जब्त किए सिलिंडर
एसडीएम निधि वर्मा ने कमला टाॅवर के जिस कारखाने पर छापा मारा है। वहां भी सिलिंडरों से धातु पिघलाकर ज्वेलरी बनाई जा रही थी, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। यहां से सिलिंडरों को खाद्य विभाग ने जब्त किया है। संचालक के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है।