मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गोवर्धन पूजन किया।
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डॉ. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में हातोद के समीप गौशाला में गोवर्धन पूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा तो गौवंश भी सुरक्षित होगा। जैविक खेती के साथ जो किसान पंजीयन कराएगा, उसे एमएसपी के साथ अलग से राशि मिलेगी। आज रासायनिक खेती के कारण जो हो रहा है, वो किसी से छिपा नहीं है। किसान अब जैविक खेती की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। यह बदलाव सकारात्मक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रहे हैं, लेकिन सनातन संस्कृति को लेकर भी कई प्रयास किए हैं। देश में सांस्कृतिक धारा बह रही है। वे स्वदेशी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन्म को सार्थक करने के लिए परमात्मा ने एक मां पहले से दे रखी है, जो अपने बच्चों का भी ध्यान रखती है और दूसरों के बच्चों का भी पालन करती है। गौ माता तो मनुष्य के लिए मां के समान है। गौमाता जंगल में छोड़ दो तो वह प्राण छोड़ देगी, लेकिन अकेला नहीं रह पाएगी। गौवंश और मनुष्य वंश अलग नहीं हो सकता है। दोनों एक दूसरे पर निर्भर है।
किसान गायों को कसाइयों को न दें : विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि किसानों को गायों को कसाइयों को नहीं देना चाहिए। यदि किसानों को गाय पालने में दिक्कत हो तो गौशाला में दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसके लिए पहल की है। उन्होंने कहा कि विधायक को उनके क्षेत्र की गौशाला के लिए पांच और सांसदों को 10 लाख देना चाहिए।
मंत्री तुलसी सिलावट ने भी अपनी बात रखी। गोवर्धन पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने बछड़े को भी दुलारा। अतिथियों को बताया गया कि निगम की यह गौशाला बरसों पुरानी है। इसे रेशम केंद्र भी कहा जाता है। गौशाला की देखरेख अच्युतानंद जी महाराज कर रहे हैं।