मुख्यमंत्री ने लगाया मां के नाम का पौधा।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर आए और तीन आयोजनों में शामिल हुए। विमानतल पर भाजपा नेता उनसे मिलने पहुंचे। इसके बाद वे पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने केसरबाग में नगर निगम द्वारा विकसित सिटी फारेस्ट में पौधा भी लगाया ।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कदम-कदम पर प्रकृति ने हमें अमूल्य देन दी है। उसे बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। बदलते दौर में पश्चिमी देश जीवन जीने की कला बताते हैं। तब हमने रिसर्च करते हुए कार्बन की समस्या की तरफ ध्यान आकर्षित किया। आक्सीजन के घटते भंडार की तरफ ध्यान दिलाया। हमारे देश के वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने दुनिया को बताया कि पौधों में जान होती है।
इसके बाद विश्व में उनकी बात को मान्यता मिली,लेकिन पेड़ों में जीवन होने की जानकारी हमारे पूर्वजों को पहले से थी। पेड़ों को पूजना हमारी संस्कृति का हिस्सा है। हम रात को पेड़ों को नहीं छूते है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश आपस में लड़ रहे है, लेकिन हमारे देश की संस्कृति जियो और जीने दो का संदेश देती है।
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इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में फिर 51 लाख पेड़ लगाए जाना है, लेकिन वन विभाग का ठीक से सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विदेश जाने से पहले अफसरों को निर्देश देकर जाए। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर को हम हरा-भरा बना रहे हैं। सफाई में तो इंदौर देश में सबसे आगे है। हरियाली में भी नंबर वन बन रहा है। इंदौर में 51 हजार पेड़ लगाए जा रहे हैं। इस फारेस्ट में मुख्यमंत्री ने भी पौधे लगाए।
मेडिकल की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी
पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को काॅपियां वितरित की। एकलव्य गौड़ ने उन्हें अब तक प्रकल्प के तहत हुए कामों की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के बच्चों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। हर साल हम पांच लाख साइकिल बच्चों को देते हैं। गणवेश के लिए सरकार पैसा देती है। मेधावी बच्चों को हमने लैपटाॅप दिए हैं। जो बच्चे नीट की परीक्षा पास करते हैं। यदि उन्हें निजी काॅलेजों में डाक्टर की डिग्री के लिए जितनी राशि लगती है, वह सरकार देगी। प्रदेश में दो साल में पचास नए मेडिकल काॅलेज खुलेंगे। हम चाहते है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी भी तरह की परेशानी न आए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व शिक्षा मंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ को भी याद किया।