इंदौर में गीता भवन का लोकार्पण हुआ।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इंदौर के राजवाड़ा के समीप प्राचीन गोपाल मंदिर परिसर में बनाए गए प्रदेश के पहले सरकारी गीता भवन का लोकार्पण किया। वे शाम को इंदौर पहुंचे और पहले हाॅल का अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना से देश के कई पुरातत्व महत्व की विरासतों को सहेजा गया है। हमें अपने अतीत पर गर्व करना चाहिए। हमने सरकार बनने के बाद कहा था कि श्रीकृष्ण भगवान के जहां जहां प्रदेश में कदम पड़े। उसे सरकार तीर्थ के रुप में विकसित कर रही है।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण उज्जैन में शिष्य बनकर आए थे। जानापाव में श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र मिला था। प्रदेश का पहला सरकारी गीता भवन इंदौर में बना है। सीएम ने कहा कि भानपुरा के बाद जब इंदौर राजधानी बनी तो यशवंतराव होलकर के पराक्रम के कारण इंदौर रियासत ने देशभर में गौरव प्राप्त किया। उज्जैन में भी गोपाल मंदिर है। वहां के चांदी के द्वार को मोहम्मद गजनवी ने लूट लिया था। वो कष्ट का काल था, लेकिन जब देश के सामर्थ का समय आया तो कंधार के पास से दरवाजा छिनकर शिवाजी के योद्धा लाए और फिर उसे उज्जैन में लगाया।
महाराजा यशवंत राव होलकर की तलवार की धाक और साख विश्व में प्रसिद्ध थी। अहिल्या बाई ने भी देश के कई देवस्थानों का जीर्णोद्धार देशभर किया। इसमें मालवा के लोगों की मदद रही।
इंदौर को मिली गीता भवन की सौगात
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि गोपाल मंदिर शहर की प्राचीन धरोहर है। हमने यहां धार्मिक आयोजन के लिए गीता भवन तैयार किया है। प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास कर रही है और विरासत को भी संभाल रही है। इसके तहत ही गीता भवन की सौगात इंदौर को मिली है। इस नवनिर्मित हाॅल की क्षमता 550 दर्शकों की है। इसके अलावा एक पुस्तकालय भी तैयार किया गया है। कार्यक्रम में दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।