मुख्यमंत्री ने ली परेड की सलामी।
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रेवती रेंज में 18 वीं अखिल भारतीय पुलिस निशानेबाजी स्पर्धा की शुरूआत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की। शाम छह बजे वे बीएसएफ परिसर पहुंचे। उसके परेड की सलामी ली। विभिन्न राज्यों से आए पुलिस विभाग के निशानेबाजों से मुख्यमंत्री मिले और उसने परिचय लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अलग-अलग कालों में निशानेबजी की गौरवशाली परंपरा रही है। अब कहावत बदली है। खेल कूद कर अब नवाब बनने का समय आ गया है। हमारे बच्चे राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में पुरस्कार ला रहे है। मध्य प्रदेश आर्थिक रुप से मजबूत हो रहा है।
नए उद्योग खुल रहे है। खेल के क्षेत्र में भी आगे है। हमारे खिलाड़ी उत्तराखंड में 48 वें नेशनल गेम में 82 मेडल लेकर आए है। यह मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी छलांग है। मध्य प्रदेश ने खेल के मामले में राज्यों की श्रेणी में तीसरा स्थान बनाया। नेशनल गेम ने अलग पहचान मध्य प्रदेश बना है। मध्य प्रदेश अब खेलों की राजनधानी बन रहा है । हमने कोर्स में भी बदलाव किए है। खेल भी एक विषय रखा है। खिलाडि़यों के साथ हम प्रशिक्षकों को भी ट्रेनिंग दे रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और मालवा की धरती पर कई महापुरुष जन्मे है। राजा भोज,देवी अहिल्या, विक्रमादित्य ने इस धरती को अपने पराक्रम से सिंचिंत किया। इंदौर की स्वच्छता, अतिथि संस्कार और खान पान में अलग पहचान है। यहां आए खिलाड़ी स्पर्धा में भाग लें और 56 दुकान और सराफा में भी जाए। वहां एक अलग अहसास होगा।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और जिला प्रशासन के माध्मय से निशानेबाज खोज कार्यक्रम चलाया जाएगा। चयनित निशानेबाजों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे नए खिलाडि़यों को अवसर मिलेंगे। मध्य प्रदेश की धरती से कई अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी निकले है। कार्यक्रम में बीएसएफ अकादमी के अपर महानिदेशक शमशेर सिंह ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मेयर पुष्य मित्र भार्गव, संभागायुक्त दीपक सिंह मौजूद थे।