स्वामित्व योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा गौरव रणदिवे को आयोजन का सूत्रधार बताए जाने पर वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से तंज कसा। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी की अंदरूनी कलह पर सवाल उठाए हैं।
इंदौर में गुरुवार को आयोजित स्वामित्व योजना कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए। यह आयोजन प्रशासनिक और सांगठनिक दृष्टि से सफल रहा, हालांकि मंच पर घटे एक घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी मतभेदों की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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मुख्यमंत्री के संबोधन पर विजयवर्गीय का तंज
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश शासन में पार्टी के संगठन की भूमिका का जिक्र करते हुए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे का नाम लिया। मुख्यमंत्री ने गौरव रणदिवे को इस पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन का सूत्रधार बताया। गौरव रणदिवे इससे पूर्व इंदौर शहर के भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री के संबोधन के पश्चात नगर विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंच पर धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए आए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में एक गीत गाया और उसके बाद अपनी बात रखी। इस दौरान मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उपस्थित थे। कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से कहा कि मुख्यमंत्री जी ने एक राज की बात बताई है और इसके लिए गौरव रणदिवे जी का आभार है।
मंच की प्रतिक्रिया और विपक्ष के आरोप
कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव असहज नजर आए और उन्होंने हंसते हुए मंच पर मौजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से कुछ चर्चा की। कैलाश विजयवर्गीय का यह वक्तव्य अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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इंदौर की राजनीति और बदलती स्थिति
कैलाश विजयवर्गीय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और अपनी स्पष्टवादी शैली के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गौरव रणदिवे को पूर्व में कैलाश विजयवर्गीय का करीबी माना जाता था, लेकिन हाल के समय में पार्टी संगठन में गौरव रणदिवे का कद बढ़ा है। उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है और दतिया उपचुनाव के बाद पार्टी ने उन्हें जांच का दायित्व भी सौंपा था। इंदौर की स्थानिक राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच इस बयान को दोनों नेताओं के संबंधों में आ रहे बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।