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Indore: सड़क हादसे में घायल होनहार छात्रा की एक माह 9 सर्जरी, अस्पताल का बिल चुकाने बढ़े मदद केे हाथ

Thu, 23 May 2024 08:01 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

परिजनों ने श्रेया को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया। अब तक उसकी 9 बार सर्जरी हो चुकी है। इस महंगे इलाज ने परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजन दिन रात अस्पताल में श्रेया का ख्याल रख उसे जल्दी ठीक होने का हौसला दे रहे हैै।
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9 सर्जरी हो चुकी है श्रेया की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में एक माह पहले सड़क हादसे का शिकार हुई एक छात्रा की एक माह मेें 9 सर्जरी हो चुकी है। होनहार छात्रा मध्यमवर्गीय परिवार से है। बार-बार हुई सर्जरी में 15 लाख रुपये से ज्यादा की राशि खर्च हो चुकी है। अब छात्रा श्रेया शुक्ला की मदद के लिए लोग आगे आए है। कुछ संगठनों ने बुधवार को सवा लाख रुपये की मदद की, हालांकि श्रेया का इलाज लंबा चलना है। उसे और आर्थिक मदद की जरुरत है।

एक माह पहले श्रेया शुक्ला सिटी बस हादसे का शिकार हुई थी। श्रेया अपनी तीन सहेलियों के साथ सिटी बस में सवार थी और सीट नहीं मिलने के कारण वह गेट के पास खड़ी थी। खंडवा रोड पर बस चालक ने अचानक ब्रेक लगाया और तीनों छात्राएं सड़क पर गिर पड़ी। मानवता नगर निवासी श्रेया शुक्ला के दोनों हाथों से बस का पहिया गुजर गया था। उसके हाथ की हड्डी कई जगह से टूट गई।

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परिजनों ने श्रेया को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया। अब तक उसकी 9 बार सर्जरी हो चुकी है। इस महंगे इलाज ने परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजन दिन रात अस्पताल में श्रेया का ख्याल रख उसे जल्दी ठीक होने का हौसला दे रहे हैै। बुधवार को आलोक नगर रहवासी संघ, संचार नगर एक्टेंशन, सर्व ब्राम्हण युवा संगठन ने दो दिन में सवा लाख रुपए एकत्र कर परिजनों को सौंपे।

दो सर्जरी और होगी

पिता विजय शुक्ला हरदा मेें एक कंपनी में जाॅब करते है। विजय बताते है कि इस हादसे ने हमेें तोड़कर रख दिया। मेरे पास इतना पैसा नहीं था कि मैं श्रेया का इलाज करा सकू। जहां से जो जुट सका। मैंने इलाज में खर्च किया। अब लोग भी मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे है। डाक्टरों का कहना है कि श्रेया की एक दो सर्जरी और होगी। उसके बाद वह ठीक हो जाएगी।

कलेक्टर बनना चाहती है श्रेया

श्रेया पढ़ने में होशियार है। पिछले साल श्रेया ने एमपी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक लाए थे। मेधावी छात्रा होने के कारण तब प्रशासन ने उसे सम्मानित भी किया था। उसने होलकर काॅलेज में एडमिशन लिया और यूपीएससी की तैयारी भी कर रही थी। कलेक्टर बनने का जज्बा उसका कायम है और वह परिजनों से कहती है कि ठीक होने के बाद वह आईएएस बनकर दिखाएगी।

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