इंदौर से प्रमुख शहरों की उड़ानें निरस्त होने और विलंब से उड़ान भरने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। कुल मिलाकर, दिनभर में इंदौर आने नो निरस्त रहीं, जिनमें दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और गोवा की उड़ानें शामिल थीं।
इंदौर से प्रमुख शहरों की उड़ानें निरस्त होने और देरी से विमानों के उड़ान भरने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। दिन भर में इंदौर आने वाली पाँच और यहाँ से जाने वाली चार उड़ानें निरस्त रहीं। इनमें दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु व गोवा की उड़ानें शामिल थीं।
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सुबह दिल्ली से आने वाली और जाने वाली उड़ान भी निरस्त रही। इसके अतिरिक्त, दस से ज़्यादा उड़ानों में देरी हुई। इस कारण इंदौर विमानतल पर यात्रियों की भीड़ आम दिनों की तुलना में काफ़ी ज़्यादा दिखाई दी। यात्रियों को बैठने के लिए भी एयरपोर्ट पर सीटें नहीं मिल सकीं। वे एयरपोर्ट पर ही आराम करते, समय बिताते रहे और अपनी फ्लाइट के उड़ान भरने का इंतज़ार करते रहे।रात को साढ़े सात बजे दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान भी समय पर रवाना नहीं हो सकी। यात्रियों को विमान के दिल्ली जाने का नया समय रात सवा नौ बजे दिया गया।
दिसंबर में बन रहा रिकॉर्ड
दिसंबर के महीने में इंदौर में उड़ानों के निरस्त होने और लेट होने का एक रिकॉर्ड बन रहा है। हाल ही में, इंडिगो की तीन दिन में 100 से ज़्यादा उड़ानें इंदौर में निरस्त हुई थीं। अब, दिल्ली में घने कोहरे के कारण फिर विमानों के उड़ान न भरने या देरी से उड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को इंदौर एयरपोर्ट से आने व जाने वाली कुल 16 उड़ानें निरस्त हुई थीं। इनमें इंदौर से दिल्ली, गोवा, गोंदिया, अहमदाबाद जाने वाली उड़ानें शामिल थीं, जबकि दिल्ली, गोवा, अहमदाबाद, गोंदिया से इंदौर आने वाली उड़ानें निरस्त रही थीं।
एयरपोर्ट पर बढ़ा यात्रियों का दबाव
उड़ानें प्रभावित होने के कारण इंदौर एयरपोर्ट का नज़ारा भी बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन जैसा नज़र आया। यात्रियों के बैठने के लिए सीटें उपलब्ध नहीं थीं। लाउंज भरे हुए थे और खाने-पीने की दुकानों पर भारी भीड़ थी। उड़ानों में देरी होने के कारण विमानतल पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।