इंदौर में मंगलवार से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू हो गई है। उसके आधार पर ही अब जिले में प्राॅपर्टी के सौंदे होंगे और तय सरकारी रेट के हिसाब से पंजीयन होगा। इंदौर में 3300 लोकेशनों पर गाइडलाइन बढ़ाई गई है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के इलाके सबसे ज्यादा है,जबकि 311 नई लोकेशन भी जोड़ी गई है। इन लोकेशनों में 176 प्रतिशत तक गाइडलाइन में इजाफा किया गया है। इंदौर में औसत 30 प्रतिशत तक गाइडलाइन बढ़ी है।
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इंदौर में कुछ लोकेशनों में बदलाव किया गया है। इंदौर एक में 531,इंदौर दो में 596, इंदौर तीन में 658, इंदौर चार में 425, महू में 429, सांवेर में 348,देपालपुर में 329 लोकेशनो पर गाइडलाइन बदली है। इंदौर जिले के सांवेर में सबसे ज्यादा 63 लोकेशन जुड़ी है। इंदौर चार में दूसरे क्रम पर 54 नई लोकेशन जुड़ी है। इसके बाद दो नंबर क्षेत्र में 48 लोकेशन जुड़ी है। कुल 311 लोकेशनों को जोड़ा गया। इंदौर की 3300 में से 636 लोकेशनों पर पचास प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि की गई है। इनमें ज्यादातर शहर के पश्चिम हिस्से की है। पहले इन लोकेशनों पर खेती की जमीन ज्यादा बिकती थी, लेकिन अब वहां बसाहट शुरू हो गई है। इसके कारण वृद्धि सबसे ज्यादा वहां हुई है।
इन ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी गाइडलाइन
इंदौर की शहरी सीमा से लगे असरावद खुर्द, बेगमखेड़ी, बिहाडि़या, जामन्या खुर्द, तिल्लौर खुर्द,सोनवाय, उज्जैनी, झलारिया, गारी पिपल्या, बिसनखेड़ा, पंचडेहिया, धरनावद, मुंडला दोस्तदार, पालिया हैदर, मुरादपुरा, जस्सा कराडि़या, ढाबली, कदावली बुर्जुग, पीर कराडि़या, डकाच्या गांव की कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ी है। इनमें ज्यादातर वे 79 गांव है, जो मास्टर प्लान में शामिल किए गए है।
इन गांवों में तेजी से टाउनशिप व काॅलोनियां विकसित हो गई है। पहले यहां कृषि भूमि के हिसाब से जमीनें की गाइड लाइन तय होती थी, लेकिन अब काॅलोनियों के नाम भी शामिल किए है। इंंदौर की सांवेर और मांगलिया तहसील में गोदरेज ग्रुप की रियल इस्टेट कंपनी ने 60 एकड़ से ज्यादा जमीन का सौदा किया है। कंपनी ने इसके एवज में 35 करोड़ रुपये से ज्यादा का पंजीयन शुल्क चुकाया है।