महेश्वर से इंदौर लौटने के बाद सोमवार रात मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के शिक्षा नीति पर एक अंग्रेजी अखबार में लिखे लेख पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि सोनिया गांधी का ज्ञान सीमित है। इसका परिणाम यह रहा कि कांग्रेस ने शिक्षा का मजाक बनाकर रखा था। इसकी पोल नई शिक्षा नीति ने खोल दी है। कांग्रेस के समय दो शिक्षा नीति आई। यह खबर भी पढ़ें: इंदौर में सड़क चौड़ी करने के लिए 15 से ज्यादा निर्माणों पर चले बुलडोजर, नोटिस के बाद भी नहीं हटे सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ लार्ड मैकाले के समय से चली आ रही नीति का रैपर बदला। इसमें आक्रांताओं को महान बताया गया था। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अन्याय होता रहा। कांग्रेस के समय की नीति ने सिर्फ बेरोजगारों की फौज बढ़ाई। अब नई शिक्षा नीति में हम अपने आराध्यों को भी याद कर सकते हैं। दो लाख लोगों की राय से बनाई नई नीति मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पांच साल पहले मध्य प्रदेश ने शिक्षा नीति को लागू किया था। तब वे शिक्षा मंत्री थे। शिक्षा नीति को दो लाख लोगों से बात कर बनाया गया है और काफी अध्ययन के बाद उसे तैयार किया गया है। सोनिया ने शिक्षा नीति पर सवाल उठाकर उन विद्वानों का मजाक उड़ाया है। यह कांग्रेस पार्टी के लिए ठीक नहीं है। हम उस लेख की निंदा करते हैं। वक्फ एक्ट को लेकर सीएम यादव ने कहा कि इस कानून को न्याय के दायरे से अलग रखा गया था। नए वक्फ विधेयक में सरकार ने न्यायिक तंत्र को और मजबूत करने का काम किया है। कांग्रेस केवल मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए झूठ बोलती है। वह मुस्लिम और देश दोनों का बुरा कर रही है। मुख्यमंत्री महेश्वर से सड़क मार्ग से इंदौर आए थे। विमानतल पर भाजपा नेतागणों से मुलाकात के बाद वे भोपाल के लिए रवाना हुए।