स्वच्छता में लगातार नंबर वन अाने वाले इंदौर नगर निगम के अफसर अब सफाईकर्मियों से रिश्वत लेते गिरफ्तार हो रहे है। यह दूसरा मामला है जब नगर निगम में घूस लेते नगर निगम दरोगा पकड़ा गया।नगर निगम के वार्ड 50 का दरोगा संजय संगत रोज सफाईकर्मियों की हाजिरी भरने का काम करता है। फरियादी रेखा बाई भी उसी वार्ड मेें सफाई करती है।
दरोगा रेखा बाई से हर माह पांच हजार पांच सौ रुपये की रिश्वत मांग रहा था, ताकि वह दोनो समय रेखा की हाजिरी लगा सके। रेखा बाई ने इससे इनकार किया रेखा का अक्टूबर और नवंबर माह का वेतन निकल चुका था। आरोपी दिसंबर के वेतन से पहले पिछले दो माह के 11 हजार रुपये मांग रहा था। जब यह बात रेखा की बेटी को पता चली तो उन्होंने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने रेखा बाई और उसकी बेटी को 11 हजार रुपये देकर दरोगा के पास भेजा। नोट में केमिकल लगा था, जैसे ही आरोपी ने नोट अपने हाथ में रखा। बाहर इंतजार में खड़े जवान भीतर आ गए और दरोगा को गिरफ्तार कर लिया।
हाजिरी के आधार पर बनता है वेतन
नगर निगम में दरोगा सफाईकर्मियों की हाजिरी लगाने का काम करते है। हाजिरी की जानकारी जोनल कार्यालय पर दी जाती है। हाजिरी के हिसाब से वेतन तैयार होता है। कई बार सफाईकर्मी काम पर नहीं आते और दरोगा पुरानी हाजिरी लगाने के एवज में पैसे की मांग करते है। दरोगा संजय भी इसके लिए सफाईकर्मी पर दबाव बना रहा था। दो माह में लोकायुक्त विभाग ने दूसरी किसी शासकीय कर्मचारी को घूस लेते पकड़ा है।