दोस्ती की बेटी केे विवाह में अभिवादन करते विजयवर्गीय
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जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते है। एक सिरे पर गम होते है तो दूसरे सिरे पर खुशियां खिलती है। वक्त के इस सितम को रघुवंशी परिवार ने जिंदादिली से जिया। 13 दिन पहले पिता प्रदीप रघुवंशी की जिम में अटैक आने से मौत हो गई थी। पत्रिका बांटी जा चुकी थी और मांगलिक पूजन भी हो चुका था, इसलिए परिजनों ने शादी नहीं टाली। 18 जनवरी को बेटी ब्याह हुआ। बेटी का कन्यादान की रस्म भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने निभाई। वे पूरे समय गेट पर खड़े रहकर शादी में आने वालों का अभिवादंन करते रहे।
बुधवार को लाभ-गंगा परिसर में विवाह की रस्में हुई। स्टेज पर दुल्हन लाल जोड़े में सजी थी। मां और भाई उसका हाथ थामे खड़े थे। परिसर की एंट्री पर प्रदीप रघुवंशी की बड़ी सी तस्वीर लगी थी। शादों में जो भी शामिल हुए, वे प्रदीप को याद करना नहीं भूले। समारोह मेें आर्केस्ट्रा पर जब बाबूल से जुड़े गीत गाए जा रहे थे, तब बेटी की आंखे भी पिता को खोज रही थी। प्रदीप के दोस्त बताते है कि बेटी की शादी को लेकर प्रदीप काफी उत्साहित रहते थे। शादी का क्या मेन्यू होगा। कैसा स्टेज सजाया जाएगा। सब प्रदीप ने तय किया था। बेटी के विवाह को लेकर प्रदीप की जो ख्वाईशें थी। उनका हमने सम्मान किया और बेटी की विवाह ठीक वैसा ही किया, जैसा प्रदीप चाहते थे। बस उन्ही की कमी थी।
मेहमानों का अभिवादन करते रहे विजयवर्गीय
मंच पर परिजन थे तो गेट पर शादी में आने वाले मेहमानों का अभिवादन भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय कर रहे थे। उनके साथ विधायक रमेश मेंदोला भी खड़े थे। दिन में विवाह की रस्में पूरी हुई। तब भी विजयवर्गीय पत्नी आशा के साथ पहुंचे और बेटी के कन्यादान की रस्म में शामिल हुए। बता दे कि होटल वृंदावन के मालिक के मालिक प्रदीप रघुवंशी की 5 जनवरी को जिम में दिल का दौरा पड़ने सेे मौत हो गई थी। मृत्य के एक दिन पहले तक उन्होंने अपनी बेटी के विवाह के कार्ड बांटे थे। वे दो साल से जिम जाते थे और करीब एक से डेढ़ घंटा जिम में वर्कआउट करते थे।