1990 में स्थापित इस मंदिर की हर दीवार पर राम का नाम अंकित है।
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इंदौर के पूर्वी क्षेत्र वैभवनगर स्थित निरालधाम में पंचमुखी हनुमानजी की 51 फीट की मूर्ति विराजमान है। यह मूर्ति भक्तों के बीच आस्था का केंद्र है। यह मंदिर बहुत ही अद्वितीय है, इस मंदिर के हर कोने-कोने पर राम नाम लिखा हुआ है, स्तंभ पर भी राम का नाम लिखा है। यह एक ऐसा हनुमान मंदिर है जहां हनुमान दर्शन के लिए 108 बार जय श्री राम लिखना होता है, जब ही प्रवेश मिलता है। इस मंदिर का निर्माण 1990 में हुआ था यह 34 साल पुराना मंदिर है।
मंदिर की समिति में भी भगवान
प्रकाशचंद बागरेचा का कहना है कि इस मंदिर की कर्ताधर्ता समिति में कोई भी मानव नहीं है, हर देवता की कोई ना कोई जिम्मेदारी होती है, मंदिर की दीवार पर पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्यों की सूची भी लगाई है, जिस पर देवी देवताओं के नाम लिखे हैं। जिसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी अंजनी के पुत्र हनुमानजी को दी गई है और संरक्षक की भूमिका कौशल्यानंदन भगवान श्री राम को दी गई है। इस तरह 11 हजार वर्ग फुट में बने निरालाधाम में ईश्वरीय सत्ता दौड़ती है।अन्य पदाधिकारियों में सचिव भोलेनाथ, कोषाध्यक्ष कुबेर, सुरक्षा अधिकारी यमराज, लेखा अधिकारी चित्रगुप्त, वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा शामिल हैं।
दूर दूर से आते हैं भक्त
इंदौर के बायपास से सटे क्षेत्र में बने इस मंदिर में दर्शन के लिए इंदौर के बाहर से भी लोग आते हैं। मंदिर इतना भव्य है कि बहुत दूर से ही इसका शिखर नजर आ जाता है। मंदिर के शिखर पर बनी मूर्तियां भी दूर से ही भक्तों को आकर्षित करती हैं। मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसमें सभी जगह से प्रकाश आता है। मंदिर को पूरी तरह से खुला रखा गया है और इसमें भक्तों को हर जगह सूर्य प्रकाश मिलता है। त्योहारों पर होने वाले आयोजनों में यहां पर हजारों भक्त पहुंचते हैं।