इंदौर प्रवास पर आए दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि लव जिहाद गलत शब्द है। इसे गलत रुप में पेश किया जा रहा है। जिहाद वह शब्द होता है जिसमें जज्बे और प्रेरणा के साथ अपनी बुराईयों को दूर किया जाता है। अपने आप को अच्छा नागरिक बनाने के लिए भी इस शब्द का उपयोग किया जाता है। कई भाजपा नेताओं ने हिंदू युवतियों से शादी की, जबकि कई हिन्दू भाजपा नेताओं ने मुस्लिम लड़कियों से शादी की। सीतलामाता बाजार के कर्मचारियों को बेवजह लव जिहाद को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है और आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं। सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है।
सिंह ने कहा कि इंदौर में आई लव मोहम्मद के पोस्टरों का विरोध किया जा रहा है। इस पर दूसरे धर्म को क्या आपत्ति है। सभी अपने अपने ईश्वर से प्रेम करते है।उन्होंने कहा कि नफरत फैलाकर देश में धर्म के ठेकेदार धर्म बेच रहे हैं। यह संविधान के खिलाफ है। आश्चर्य की बात है कि मध्य प्रदेश पुलिस कुछ नहीं कर रही है। इस बात का मुझे दुख है। सरकार सबके साथ सबके विकास की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
दिग्विजय सिंह में कहा कि प्रदेश में होने वाले दंगों में जो प्रभावित हुए है। उन्हें ही आरोपी बनाया जा रहा है। यह गलत है। अफसर भी इस बारे में कुछ नहीं करते। जब तक मुख्यमंत्री न चाहे कोई दंगे नहीं हो सकते। जब मैं मुख्यमंत्री बना था तो अफसरों को कहा था कि जिले में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों को चिन्हित करें और उन पर लगाम लगाए। दस साल तक मेरे मुख्यमंत्री काल में एक भी दंगा नहीं हुआ। मैंने बजरंग दल और सिमी के खिलाफ भी एक्शन लिया, क्योंकि दंगा मिलकर फैलाया जाता है।
जीएसटी को लेकर उन्होंने कहा कि जीएसटी का उत्सव मनाया जा रहा है, लेकिन आठ साल तक गब्बर सिंह टैक्स वसूला गया। जीएसटी के फॉर्मेट में बड़े व्यापारियों से कम टैक्स लिया गया और आम आदमी से ज्यादा। नई स्लैब में भी कई विसंगतियां है।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सोयाबीन के भाव नहीं बढ़े,जबकि लागत बढ़ गई है। सरकार का भावांतर योजना का प्रयोग सफल नहीं हुआ, उसे फिर लाने की तैयारी हो रही है। सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के मोर्चा संगठन की तरह काम कर रहा है।कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय से इस तरह के बयानों से उम्मीद नहीं थी। कोई भाई यदि अपनी बहन के प्रति प्रेम प्रदर्शित करते है तो उन्हें क्या आपत्ति है।