भाजपा कार्यालय के पांच अध्यक्ष बन चुके है सांसद विधायक
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इंदौर में जो नेता भाजपा का नगर अध्यक्ष बनता है, वह यह मानकर चलता है कि उसकी राजनीति अब चमकेगी, लेकिन सभी नेता खुशकिस्मत नहीं है। कुछ नेता नगर अध्यक्ष की कुर्सी से हटने के बाद खाली हाथ रहे। सबसे ज्यादा फायदे में पूर्व नगर अध्यक्ष शंकर लालवानी रहे। वे इंदौर विकास प्राधिकरण के चेयरमेन भी बने और बाद में उन्हें सांसद का टिकट भी मिला। इस बार भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी जता रहे है। इस क्षेत्र के विधायक महेंद्र हार्डिया लगातार चार बार से चुनाव जीत रहे है। इस बार उनकी दावेदारी का विरोध हो रहा है।
20 सालों में भाजपा के आठ नगर अध्यक्ष रहे। उनमें से पांच को विधायक सांसद का टिकट भी मिला और चार ने चुनाव भी जीता। सबसे ज्यादा कार्यकाल महेंद्र हार्डिया का रहा। वे विधायक बनने के बाद भी नगर अध्यक्ष रहे। उनके हटने के बाद रमेश मेंदोला भाजपा नगर अध्यक्ष बने। बाद में उन्हें पार्टी ने दो नंबर विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया। वे चुनाव भी जीते। इसके बाद सुदर्शन गुप्ता नगर अध्यक्ष रहे और एक नंबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। मधु वर्मा को भी पार्टी ने राऊ से टिकट दिया था, लेकिन वे हार गए। इस बार फिर पार्टी ने उन पर दांव लगाया है।
शंकर लालवानी को भी पार्टी ने नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। उनकी चार नंबर विधानसभा क्षेत्र से टिकट लेने की लंबे समय से मंशा रही, लेकिन कभी पूरी नहीं हो पाई। पिछले लोकसभा चुनाव में जब भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव की इंदौर संसदीय सीट से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की तो पार्टी ने लालवानी को टिकट दिया।
इस परंपरा को निभाते हुए इस बार भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे पांच नंबर विधानसभा से टिकट की दावेदारी जता रहे है। संगठन की गतिविधियों के बैनर, पोस्टर्स में वे नजर आ रहे है। यह पोस्टर्स भी पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा नजर आ रहे है। रणदिवे का कहना है कि संगठन जो जिम्मेदारी देता है, उसे सभी कार्यकर्ता निभाते है।
नेमा और शर्मा रहे खाली हाथ
20 वर्षो में पूर्व विधायक गोपी नेमा और कैलाश शर्मा जैसे मंजे हुए नेता भी नगर अध्यक्ष रहे, लेकिन कुर्सी से हटने के बाद उन्हें किसी विधानसभा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाया, नेमा तीन नंबर और शर्मा चार नंबर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे।