धर्मांतरण के खिलाफ ग्रामीणों ने थाने में शिकायद दर्ज की।
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दूधिया गांव में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर ही है जो फादर को धर्मांतरण के लिए पर्दे केे पीछे रहकर आर्थिक मदद करते थे और धर्म बदल चुके परिवारों को फादर के माध्यम से पैसा देते थे। पुलिस फादर क्रिस नार्मन के खातों की जांच कर रही है। जांच में यह पता चला है कि फादर क्रिस उसके दो साथी ईसाई धर्म में रुचि रखने वाले परिवारों केे यहां प्रार्थना कराने आते थे और उनसे कहते थे कि हिन्दू त्योहार मनाना छोड़ दो इससे परिवार में संपन्नता आएगी। पुलिस अफसरों का कहना है कि यदि अन्य परिवार भी शिकायत लेकर आते है तो आरोपियों के खिलाफ अन्य प्रकरण भी दर्ज कराए जाएंगे।
एसपी ने कहा- फादर के मोबाइल के चैटिंग, काॅल डिटेल की जांच
ग्रामीण एसपी भगवत प्रसाद बिरदे ने कहा कि आरोपी फादर क्रिस के मोबाइल की चैटिंग और काॅल डिटेल की जांच की जा रही है। उसके बैंक खातों में पैसा कहां से आता था और कौन देता था। इसकी जांच भी शुरू हो गई है,ताकि यह पता चल सके कि संगठित होकर ग्रामीण परिवारों को धर्म बदलने के काम तो ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं किया जा रहा हैै।
गांवों में बना रखे है छोटे चर्च, बीमार होने पर करते है मदद
हिन्दू संगठनों ने भी धर्मांतरण गतिविधियों पर नजर रखी है। दूधिया के अलावा उदय नगर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे चर्चा बने हुए है, जहां परिवारों को प्रार्थना केे लिए बुलाया जाता है। कई परिवार है जो दस्तावेजों में तो हिन्दू धर्म ही बताते है, लेकिन वे ईसाई पूजा अपना लेते है और अपने दूसरे नाम भी रख लेते है। आपको बता देें कि इंदौर के समीप दूधिया गांव में ईसाई समाज के कुछ लोग मुफ्त इलाज और पढ़ाई का लालच देकर धर्मांतरण के लिए कुछ हिेन्दू परिवारों पर दबाव बना रहे थे। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने फादर पर प्रकरण दर्ज किया है और अब जांच मेें जुटी है।