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कानून: 7 लाख रुपए जुर्माना और 10 साल की सजा, कितना सच, जानें सही कानून

Wed, 03 Jan 2024 02:07 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

नए मोटर व्हीकल एक्ट और धारा 106 क्या है, यह सभी नागरिकों को जानना जरूरी है। ड्राइवर्स की हड़ताल के बाद यह अब चर्चा में है। हालांकि, सरकार ने अभी कुछ समय के लिए इसे लागू करने से मना कर दिया है। 
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पेट्रोल पंप पर वाहनों की कतार। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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ड्राइवर्स की हड़ताल Drivers Strike ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। हड़ताल क्यों हुई और ड्राइवर्स से जुड़े कानूनों में क्या बदलाव हुआ इसे लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें चल रही हैं। इन अफवाहों से जनता भी बेहद परेशान है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने इस कानून से जुड़ी पूरी जानकारी जनता के लिए जारी की है। यह नियम न सिर्फ ट्रक या बस ड्राइवर्स के लिए है। बल्कि यह नियम हर उस नागरिक पर लागू होगा जो वाहन चलाता है। मतलब यह नियम जानना भारत के हर नागरिक के लिए जरूरी है। अब हड़ताल समाप्त हो गई है पेट्रोल पंप Petrol Pump खुल चुके हैं। ट्रक और बसें चलना भी शुरू हो चुकी हैं लेकिन इस कानून की जानकारी से सभी को जागरूक किया जा रहा है। 
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परिवहन विभाग द्वारा बुधवार को जनता के लिए जारी की गई जानकारी

1. 
हिट एवं रन -
 हिट एवं रन के संबंध में नवीन कानूनी प्रावधान के विरोध में की जा रही हड़ताल के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय म.प्र. के दिनांक 02.01.2024 को प्रदत्त आदेश के अनुकम में, अपर मुख्य सचिव गृह, सचिव परिवहन, अपर परिवहन आयुक्त के साथ विभिन्न ट्रक, स्कूल, बस ऑपरेटर यूनियन आदि की हड़ताल समाप्त किए जाने हेतु बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में प्रस्तावित नवीन कानून के संबंध में संबंधित यूनियनों को आवश्यक जानकारी दी गई।

2. 
बिना सूचना भागने पर लगेगी धारा -
प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के भाग 2 में केवल उसी स्थिति में 10 वर्ष की अधिकतम सजा के प्रावधान का वर्णन है तथा कोई न्यूनतम सजा परिभाषित नहीं की गई है। जबकि कोई मोटरयान चालक किसी सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु कारित हो जाने के बाद बिना पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए मौके से भाग जाता है। यदि किसी व्यक्ति से एक्सीडेंट हो जाता है और वह इस संबंध में पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दे देता है तब धारा 106 (2) भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान उस पर लागू नहीं होते। यह भी स्पष्ट किया गया कि कानून में उल्लेखित दण्ड माननीय न्यायालय द्वारा पूरी विधिक प्रकिया के पालन के पश्चात निर्धारित किया जाता है।
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3. 
10 लाख जुर्माने की बात गलत -
धारा 106 (2) भारतीय न्याय संहिता में जुर्माने की राशि को विशिष्ट रूप से वर्णित नहीं किया गया है। 7 लाख या 10 लाख संबंधी जुर्माने की राशि के प्रावधान का प्रचार भ्रामक होकर असत्य है।

4. 
जमानत भी मिलेगी -
यदि वाहन चालक एक्सीडेंट में हुई मृत्यु के विषय में समय पर पुलिस को सूचना दे देता है तो उस स्थिति में नए कानून में भी जमानती धारा का प्रावधान है।

5. 
हड़ताल समाप्त करें -
विभिन्न ट्रक, स्कूल, बस ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधिगणों को उक्त स्थितियां स्पष्ट करते हुए सेवाएं यथावत जारी रखने हेतु सहयोग करने तथा हड़ताल समाप्त करने का आव्हान किया गया।
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