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Dhar Bhojshala: धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में लगी तीसरी याचिका, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

Thu, 28 May 2026 08:40 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

भोजशाला मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। तीसरी याचिका दायर होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने होंगे और संभावना जताई जा रही है कि कोर्ट तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर सकता है।
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सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा भोजशाला विवाद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार भोजशाला विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट में तीसरी याचिका लगी है। सुप्रीम कोर्ट अब भोजशाला से जुड़ी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर सकता है। तीसरी याचिका जिब्रान अंसारी ने प्रस्तुत की है। तीनों याचिकाओं पर अब तक कोर्ट ने सुनवाई शुरू नहीं की है। उधर, हिंदू पक्ष भी सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिकाओं को लेकर तैयारी कर रहा है। पूर्व में ही सुप्रीम कोर्ट में भोजशाला मामले में कैविएट दायर की जा चुकी है, ताकि बिना पक्ष सुने स्टे न मिल सके।

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भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने हिंदू मंदिर माना है। इस फैसले को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती देते हुए विशेष अनुमति याचिका दायर की है। पहले शहर काजी, फिर कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी और अब जिब्रान अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। पिछली याचिकाओं पर अभी तक हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई है। हाईकोर्ट का फैसला आने के छह दिन बाद मुस्लिम पक्ष ने रात साढ़े आठ बजे कोर्ट में याचिका लगाई थी।
 

कमाल मौला मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि हमारे पास सरकारी दस्तावेज और पुख्ता प्रमाण हैं, जिनके आधार पर हम सुप्रीम कोर्ट में साबित करेंगे कि धार का परिसर मंदिर नहीं, मस्जिद है। हाईकोर्ट ने एएसआई की जिस रिपोर्ट में भोजशाला को मंदिर बताया, वही पूर्व की रिपोर्ट में भोजशाला को मस्जिद बताती रही है।

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