होलकर स्टेडियम में 11 अक्तूबर को होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 मुकाबले को लेकर साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी ऑनलाइन लिंक के जरिए मैच के टिकट उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। साइबर अपराधी आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट का झांसा देकर लोगों से टिकट बुक कराने के नाम पर रकम जमा करवा रहे हैं।
एडिशनल डीसीपी इंदौर राजेश दंडोतिया के मुताबिक, भारत-वेस्टइंडीज मैच के ऑनलाइन टिकटों की बिक्री 25 सितंबर को ही हो चुकी है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर टिकटों की कोई नई ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा रही है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कई ऐसे लिंक सामने आए हैं, जिनमें मैच के टिकट उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इन लिंक के माध्यम से टिकट पर 10 से 20 प्रतिशत तक डिस्काउंट देने की बात भी कही जा रही है।
क्राइम ब्रांच ने सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे करीब एक दर्जन संदिग्ध ऑनलाइन लिंक की जानकारी जुटाई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन लिंक से जुड़े कई मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के कोलकाता क्षेत्र के पाए गए हैं। पुलिस अब इन नंबरों और ऑनलाइन लिंक से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
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पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग लोगों को विश्वास में लेने के लिए टिकट उपलब्ध कराने का दावा करते हैं। इसके बाद टिकट बुकिंग के नाम पर शुरुआत में कुल रकम की 10 से 20 प्रतिशत राशि जमा करने को कहते हैं। ठग यह भरोसा भी दिलाते हैं कि बाकी रकम टिकट मिलने के बाद ली जाएगी। इसके अलावा ई-मेल आईडी और पते पर टिकट भेजने की बात कहकर भी लोगों को झांसे में लिया जा रहा है।
साइबर क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले किसी भी अनधिकृत लिंक से मैच के टिकट खरीदने की कोशिश न करें। किसी अनजान व्यक्ति के खाते में एडवांस राशि जमा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और टिकट की आधिकारिक उपलब्धता की पुष्टि जरूर करें।
पुलिस का कहना है कि मैच के नाम पर सामने आने वाले फर्जी ऑफर और डिस्काउंट के लालच में लोग अपनी रकम के साथ बैंकिंग और निजी जानकारी भी साइबर अपराधियों के साथ साझा कर सकते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या ऑनलाइन भुगतान करने से बचना जरूरी है।