भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम।
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कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए अक्षय बम के खिलाफ 17 साल पुराने केस में अब धोखाधड़ी सहित अन्य धाराएं बढ़ाने की मांग कोर्ट से की गई है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अक्षय पर धारा 307 बढ़ाई गई थी। इसके बाद अक्षय ने लोकसभा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन वापस ले लिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। इस मामले में अब कोर्ट ने आठ जुलाई तक पुलिस को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।
वकील ने कहा पुलिस ने ठीक से जांच नहीं की
केस में फरियादी युनूस पटेल के वकील मुकेश देवल ने बताया कि पुलिस ने मामले में अक्षय बम के खिलाफ जो जांच की थी वो अपूर्ण है। हमने ये मांग की है कि जांच को मनमाने तरीके से किया गया है, उसमें बहुत सारी कमियां थी। उन्हें दूर करना चाहिए। हमारी मांग है कि आरोपियों से दस्तावेज जब्त किए जाएं। केस दर्ज होने के पहले 6 एग्रीमेंट है। बाउंस चेक है जिस पर अक्षय बम की साइन है। इस तरह 420, 406 और 409 की धारा भी केस में बनती है। पुलिस ने ये जांच नहीं की। पुलिस ने केस को कमजोर करने की कोशिश की है। रिंकू वर्मा जो प्रत्यक्षदर्शी था उसके बयान लिए जाएं और केस में धाराएं बढ़ाई जाएं।
बिना पैसे दिए जमीन पर कब्जा करने की मंशा थी
वकील ने बताया कि हमने मांग की है कि 17 साल में अक्षय बम और पटेल परिवार के बीच में जो भी मामले हुए हैं उनके सारे दस्तावेज रिकॉर्ड पर लिए जाएं। बिना पैसे दिए अक्षय की जमीन पर कब्जा करने की मंशा रही है। सोमवार को कोर्ट में आवेदन लगाया था। जिस पर से कोर्ट ने आठ जुलाई की तारीख तय की है और थाना प्रभारी खजराना से से रिपोर्ट तलब की है।