वरिष्ठ पत्रकार अभय छजलानी की अंत्येष्टी गुरुवार को रीजनल पार्क मुक्तीधाम पर की गई। यहां उन्हें शहर के अनेक गणमान्य लोग, राजनेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे और उनसे जुड़े संस्मरण भी साझा किए। सभा में उनके बारे में कहा गया कि अभयजी को इंदौर से प्रेम रोग हो गया था। वे शहर के बारे में सोचते थे और नई-नई कल्पनाएं, योजनाएं उनके मन में शहर के प्रति रहती थी।
प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने सभा में कहा कि अभय छजलानी इंदौर की विरासत थे। उनका चिंतन इंदौर को लेकर हमेशा रहता था। खेलों के मामले में शहर को बढ़ाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि अभय छजलानी ने अपने भीतर के नौजवान को हमेशा जिंदा रखा। शहर के लिए कुछ नया करने की ललक हमेशा उनके पास रहती थी। वे शहर की भलाई के लिए कई बार महत्वपूर्ण सुझाव देते थे। पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि उम्र को उन्होंने कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया। अभय प्रशाल स्टेडियम की योजना बनाना और उसे मूर्त रुप देना अभय छजलानी की जीजीविषा की सबसे बड़ी मिसाल है। इंदौर ने अपना एक शुभचिंतक खो दिया।
जब खिलाड़ियों के पास खुले मैदान नहीं होते थे, तब अभयजी ने स्टेडियम बना दिया
मध्य प्रदेश टेनिस एसोसिएशन के पूर्व महासचिव जयेश आचार्य ने कहा कि अभय छजलानी दूरदर्शी सोच रखते थे। जब खिलाड़ियों के पास खेलते के लिए खुले मैदान तक नहीं होते थे, जब अभय छजलानी में टेबल टेनिस के लिए ऐसे स्टेडियम को मूर्त रुप दिया, जहां राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा हो सके। १९८९ में उन्होंने स्टेडियम का काम शुरू करवा दिया। अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के हिसाब से स्टेडिम को अपडेट करने की जरुरत पड़ी तो उन्होंने खिलाड़ियों के लिए जिम, स्टे की सुविधा के लिए एक और बिल्डिंग तैयार कर दी। अभय प्रशाल में अब तक १०० से ज्यादा टेबल टेनिस स्पर्धा और १३ अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा हो चुकी है। वे प्रतिभाअेां को पहचाने थे और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देते थे।