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इंदौर में ईमानदारी की सजाः यातायात नियम तोड़ने वालों का चालान बनाने वाले को किया गया लाइन हाजिर

Wed, 03 Apr 2019 05:42 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
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सूबेदार अरुण सिंह, इंदौर ट्रैफिक पुलिस - फोटो : Video Grab
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देश के सबसे साफ शहर इंदौर वाकई मायनों में देश के सामने नजीर पेश करता है। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार दो अप्रैल को शहर के राजबाड़ा इलाके में हुआ। यहां तैनात ट्रैफिक सूबेदार अरुण सिंह का दो मिनट 34 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह राजनीतिक दबाव में आए बिना ड्यूटी निभाने की बात कह रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस विभाग ने अरुण सिंह को सप्ताह भर के प्रशिक्षण के नाम पर लाइन हाजिर कर दिया है।

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वीडियो में सूबेदार का कहना था कि उन्होंने चलती बाइक पर मोबाइल से बात कर रहे नीलेश जैन नाम के एक व्यक्ति को रोका था। इस पर नीलेश के साथी अखिलेश जैन नेताओं की धौंस देने लगे। इन तथाकथित नेता और उनके रिश्तेदारों ने सूबेदार से कहा कि अब प्रदेश में कांग्रेस का राज है और आपको यहां रहना है तो बात माननी पड़ेगी।

वीडियो में यह दिखाई दे रहा हैः

'हमने इन्हें मोबाइल पर बात करते हुए रोका तो इन्होने खुद को पूर्व विधायक अश्विन जोशी का भानजा बताया और उनसे बात करने को कहा। हम व्यस्तता के कारण हर इनसान से बात नहीं कर सकते। ये नियम नहीं है कि फंसे हैं तो बात करें। ये बोल रहे हैं कि कांग्रेस का राज है। आपको ये करना पड़ेगा। राजबाड़ा में आपको रहना है तो आपको यह बात माननी पड़ेगी। मैं सूबेदार अरुण सिंह थाना यातायात पश्चिम... मैं किसी की बात नहीं मानूंगा। कोई गलत मिला तो चालानी कार्रवाई बिलकुल करूंगा। चाहे आप बाला बच्चन की धमकी दें या किसी और की। ये अपने आप को कांग्रेस का बता रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारा राज है और हमारी चलेगी। ये कह रहे हैं कि तुम्हारी वर्दी उतार दूंगा। मैं सब को बता रहा हूं जो भी इस वीडियो को देख रहे हैं या सुन रहे हैं, मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैं किसी शासन की नहीं सुनूंगा। मैं वर्दी पहने हूं। इसके पैसे मुझे शासन से मिलते हैं। सही कार्रवाई करूंगा।

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सूबेदार अरुण सिंह को लाइन हाजिर करने की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट पर इस घटना की निंदा की। उन्होंने लिखा कि कमलनाथ सरकार ने निडर पुलिस अफसर को अपना कर्तव्य निभाने के लिए और कांग्रेस की गुंडागर्दी को न मानने पर लाइन अटैच करवा दिया है। इस ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी टैग किया है।

 

 


वहीं अखिलेश जैन का कहना है कि उनके मित्र नीलेश जैन मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका। एक हजार रुपए लेकर 500 रुपए की रसीद दे रहा था। इसकी जानकारी मुझे मिली तो मैं पहुंचा और अपना परिचय दिया तो वह वीडियो बनाकर हम पर हावी होने लगे।

अमर उजाला ने जब सूबेदार अरुण सिंह से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा,

मैं अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से कर रहा था। वर्दी और कानून से बढ़कर मेरे लिए कुछ नहीं है। आगे भी मैं इसी तरह से बिना किसी दबाव में आए अपना फर्ज निभाता रहूंगा।

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