Indore: अब सिग्नल तोड़ने वालों पर लगाम कसने की तैयारी।
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इंदौर की यातायात पुलिस की रेड सिग्नल तोड़ने वालों को अब हाथोंहाथ नोटिस देगी। ट्रैफिक पुलिस रेड लाइट वाइलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) सिस्टम को अपडेट कर नए फीचर जोड़ा जा रहा है। इससे इधर सिग्नल तोड़ा उधर वाहन मालिक तक नोटिस पहुंच जाएगा।
इंदौर के यातायात को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार अपडेट हो रही है। टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। जिन चौराहों पर कैमरे नहीं हैं, वहां पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी बन गया है। अब लाल बत्ती पर नहीं रुकने वालों को सुधारने के लिए कमर कसी जा रही है।
डीसीपी (यातायात) महेशचंद जैन ने बताया कि अब रेड सिग्नल तोड़ने वालों को पकड़ने की तैयारी की जा रही है। रोजाना 400 से ज्यादा वाहन चालक रेड सिग्नल तोड़ते हैं। अभी तक पुलिस आरएलवीडी के माध्यम से ई-चालान भेज कर दंड वसूलती है, लेकिन अब ऐसा फीचर एड करने का विचार चल रहा है जिससे वाहन मालिक को हाथोंहाथ नोटिस मिल सके। इसके लिए परिवहन विभाग की मदद से सॉफ्टवेटर को अपडेट किया जाएगा। उसमें फीचर एड करने के बाद वाहन मालिक की सारी जानकारी कम्प्यूटर पर आ जाएगी और तुरंत नोटिस चला जाएगा। यातायात सुधार के लिए यह अहम कदम होगा। हमारा लक्ष्य सुगम, सुरक्षित व सुखद यातायात बनाना है। शुरुआत हमने चौराहों के बिगड़ेल ट्रैफिक को सुधारने से की है। इसके बाद नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, साइलेंसर वालों पर शिकंजा कसा।
यातायात पुलिस ने एनओसी का प्रस्ताव भी तैयार किया है। किसी भी वाहन को ट्रांसफर करने के पहले यातायात पुलिस की एनओसी आवश्यक होगी। डीसीपी जैन के मुताबिक आरटीओ से गाड़ी ट्रांसफर होने से पहले ट्रैफिक पुलिस की एनओसी लगे। इसके बाद ही वाहन ट्रांसफर हो। यह सुझाव ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग के पास भेज दिया है। इसका मकसद स्पष्ट है कि वाहन चालक द्वारा रेड लाइट जंप या ट्रैफिक नियम तोड़ा हो तो तत्काल चालान जमा हो सके। हम चाहते हैं जुर्माने की राशि भरने के बाद ही वाहन ट्रांसफर हो।