कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच अब नई बात सामने आई है। इंदौर में 1 से 13 फरवरी के बीच कोरोना का पीक आ सकता है। कलेक्टर मनीष सिंह ने यह आशंका जताई है। कलेक्टर ने कहा है कि ओमिक्रॉन संक्रमण के दौरान विदेशों में 5 से 6 प्रतिशत हॉस्पिटलाइजेशन होता है, लेकिन इंदौर में पिछले सात-आठ दिनों में किए गए आकलन के अनुसार लगभग 2 प्रतिशत ही हॉस्पिटलाइजेशन है।
कलेक्टर सिंह ने कहा है कि 1 से 13 फरवरी तक एक्टिव मरीजों की संख्या ज्यादा रह सकती है और इस दौरान हॉस्पिटलाइजेशन ज्यादा हो सकता है। पॉजिटिविटी रेट भी ज्यादा हो सकता है। अब तक किए गए आकलन के अनुसार 1 से 13 फरवरी के बीच इंदौर में 7 हजार से ज्यादा लोग हॉस्पिटलाइज्ड होने की स्थिति में रह सकते हैं। हालांकि यह सब मॉडल पर निर्भर करता है। यह संख्या कम भी हो सकती है और बढ़ भी सकती है। अभी इस समय जिस प्रकार का ट्रेंड चल रहा है यानी जो कोविड पॉजिटिव हो रहा है, कितने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से पॉजिटिविटी आ रही है, उससे ट्रेंड समझ में आता है कि कितने लोगों को स्प्रेड कर रहा था। ऐसे 8-10 पैरामीटर्स हैं जिसमें एक मॉडल पर रिसर्च होती है। इस मॉडल में कम्यूनिकेटिंग डिसीज में यह बात सामने आई है कि पिछले 7 दिनों में 2 प्रतिशत हॉस्पिटलाइजेशन देखा गया। विदेशों में अभी 5 से 6 प्रतिशत हॉस्पिटलाइजेशन है।
इंदौर में आए 1343 केस, गंभीर लक्षण किसी में नहीं
इंदौर की बात करें तो बीते 24 घंटों में 1343 पॉजिटिव आए हैं। इनमें 71 बच्चे हैं। राहत की बात है कि सभी में गंभीर लक्षण नहीं है और होम आइसोलेट किया है। शुक्रवार को जिले में उपचाररत मरीजों का आंकड़ा भले ही साढ़े सात हजार को पार कर गया राहत की बात यह है कि इनमें से दो सौ भी मरीज ऐसे नहीं हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो। शुक्रवार शाम तक शहर में 165 लोग अस्पताल और कोविड केयर सेंटर में भर्ती थे। इनमें से ज्यादातर की स्थिति सामान्य हैं। कुछेक मरीज ही ऐसे हैं जो गंभीर हैं और उन्हें भी कोरोना के अलावा अन्य गंभीर बीमारियां हैं।
उज्जैन में 157 कोरोना पॉजिटिव
इंदौर के अलावा उज्जैन में भी संक्रमण बढ़ रहा है। शुक्रवार देर रात जारी कोरोना बुलेटिन में 157 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से 155 उज्जैन शहर के हैं। महिदपुर और घटिया में एक-एक पॉजिटिव निकले हैं। उज्जैन जिले में 954 मरीज होम आइसोलेट हैं, जबकि 20 मरीजों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। उज्जैन की पॉश कॉलोनियों में कोरोना मरीज ज्यादा निकल रहे हैं। नानाखेड़ा, अलखधाम, विवेकानंद कॉलोनी, ऋषिनगर और सेठी नगर में सर्वाधिक मरीज हैं। पटनी बाजार क्षेत्र में भी मरीजों की संख्या ज्यादा है।