दिसंबर में कोरोना के अब तक के सबसे ज्यादा मरीज निकले हैं। पिछले 24 घंटे में इंदौर में कोरोना के 55 मरीज मिले हैं। करीब छह माह बाद इतने मरीज मिले हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या दो सौ के पार पहुंच गई है। इसके बाद से प्रशासन अलर्ट पर है।
दरअसल इंदौर में कोरोना मरीजों की संख्या में लगाजार इजाफा हो रहा है। दिसंबर की शुरुआत में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही और 28 दिसंबर को अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा 32 मरीजों का था। इसके बाद उम्मीद जताई गई थी कि मरीजों की संख्या कम होगी, लेकिन पिछले 24 घंटे में 55 नए मरीज मिले हैं। इसने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इंदौरवासी भी चिंतित हैं, क्योंकि लगातार बढ़ते मरीजों के चलते तीसरी लहर की आशंका बलवती हो रही है। जो मरीज निकल रहे हैं उनमें बच्चों की संख्या भी ज्यादा है। 28 दिसंबर की रिपोर्ट में जो 32 लोग पॉजिटिव आए थे उनमें 10 साल के दो व सात साल का एक बच्चा भी शामिल है। इसके पहले भी जो रिपोर्ट आई है उनमें बच्चे संक्रमित मिल चुके हैं।
इंदौर से लगे जिलों में भी प्रशासन अलर्ट
29 दिसंबर की रिपोर्ट में जो 55 पॉजिटिव मरीज मिले हैं उनमें तीन रिपीट पॉजिटिव भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 7233 सैंपलों की जांच की थी जिनमें ये मरीज मिले हैं। ओमिक्रॉन के भी आठ मरीज इंदौर में मिल चुके हैं। इन सबके चलते अब इंदौर में चिंता बढ़ी है क्योंकि मप्र में इंदौर में ही सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं।
समीपवर्ती जिलों में भी प्रशासन चौकन्ना हो गया है क्योंकि इंदौर से दूसरे शहरों में आवागमन करने वाले लोगों की संख्या अधिक है। खासकर इंदौर से लगे देवास, उज्जैन जिलों में अलर्ट है। देवास में तो फिलहाल एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है, लेकिन उज्जैन में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि संक्रमण की मुख्य वजह विदेश से आने वाले नागरिक हैं क्योंकि इंदौर में तीन हजार लोग विदेश से आए हैं। इनमें से एक हजार लोगों की ही जांच हो सकी थी। दो हजार लोग इंदौर आकर यहां से दूसरी जगह चले गए हैं। उनका पता नहीं चल पाया है।
जिन आठ लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है वे सब भी विदेश से ही इंदौर लौटे थे। उधर बुधवार को दुबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंची एक महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। उक्त महिला ने वैक्सीन के चार डोज लगवा लिए थे। जो संक्रमित मरीज अब तक मिले हैं उनमें गंभीर तो कोई नहीं है, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने से चिंता का माहौल है।