श्री रणजीत हनुमान मंदिर इंदौर।
- फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी के बाद नगर निगम द्वारा लगाए गए जुर्माने के मामले ने सियासी रंग ले लिया है। कांग्रेस आक्रामक हुई है और कहा है कि यह धार्मिक आस्था पर ठेस है। हम नगर निगम को 30 हजार रुपये भेंट करेंगे। निगम को क्या सीएम के कार्यक्रम नजर नहीं आए। नेहरू स्टेडियम में हुए भाजपा के कार्यक्रम के नजर नहीं आए। भाजपा के जुलूसों में जो नुकसान होता है वह नजर नहीं आता।
दरअसल रणजीत हनुमान अष्टमी महोत्सव के तहत सोमवार को रणजीत हनुमान मंदिर से प्रभात फेरी निकाली गई थी। कोरोना के चलते दो सालों से बरसों पुरानी परंपरा पर असर हुआ था, लेकिन इस बार हर्षोल्लास से परंपरा निभाई गई। सैकड़ों भक्त इसमें शामिल हुए। प्रभातफेरी निकलने के बाद नगर निगम ने मंदिर प्रबंधक को नोटिस भेजा और 30 हजार रुपये भरने को कहा। यह कहा कि प्रभात फेरी से हरियाली को नुकसान हुआ है। डिवाइडर में जो पौधे लगे थे वे बर्बाद हो गए हैं। नोटिस का यह मामला अब तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस इस मामले में आक्रामक हो गई है और भाजपा को घेर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता खुद ही यह जुर्माना भरने की बात कह रहे हैं।
कांग्रेस विधायक ने कहा- धार्मिक आस्था पर ठेस, हम भरेंगे जुर्माना
कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि ने कहा कि नगर निगम को भाजपा नेताओं के जुलूस और शोभा यात्रा में फैलने वाला कचरा नजर नहीं आता। उससे हरियाली को जो नुकसान होता है वह नजर नहीं आता। बाबा की प्रभात फेरी पर नगर निगम ने यह कहते हुए जुर्माना लगा दिया कि हरियाली को नुकसान हुआ है। यह धार्मिक आस्था पर ठेस है। हम इसको सहन नहीं करेंगे। इंदौर की जनता इसको सहन नहीं करेगी। अगर वहां कोई नुकसान हुआ है तो हम जुर्माना भरने को तैयार हैं। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि जब इंदौर में शिवराज जी के भीड़भरे कार्यक्रम हुए तो क्या वहां जुर्माना नहीं लगेगा। कांग्रेस के अन्य नेता भी इसे गलत बता रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुछ दिन पहले नेहरू स्टेडियम में भाजपा का बड़ा आयोजन हुआ। मैदान खराब कर दिया लेकिन निगम ने जुर्माना क्यों नहीं लगाया।