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इंदौर: 23 साल पहले बेचे प्लॉट लेकिन अब तक नहीं की रजिस्ट्री, 15 करोड़ की धोखाधड़ी में कॉलोनाइजर गिरफ्तार

Thu, 16 Dec 2021 06:07 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

पुलिस ने आदिनाथ एस्टेट कॉलोनी के धोखेबाज कॉलोनाइजर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लोगों को प्लॉट बेचे लेकिन रजिस्ट्री नहीं की। करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
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आदिनाथ इस्टेट में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिला। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शहर में लोगों के साथ जमीन, प्लॉट आदि के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले भूमाफियाओं के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस क्रम में पुलिस ने आदिनाथ एस्टेट कॉलोनी के धोखेबाज कॉलोनाइजर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लोगों को प्लॉट बेचे लेकिन रजिस्ट्री नहीं की। करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
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पुलिस ने बताया कि भूमि संबंधी अपराधों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तेजाजी नगर पुलिस अभियान चला रही है। थानांतर्गत स्थित आदिनाथ एस्टेट कॉलोनी ग्राम नायता मुंडला इंदौर के प्लॉट धारक सुभाष जैन, कैलाशचंद्र मंगल, उषाबाई जैन, अंशुल पाहवा, अशोक यादव, पूजा पाहवा, प्रेमलता अनचेरा, कैलाशचन्द्र अनचेरा, राजकुमार  जैन, अशोक  जैन,  मीना सिंघई, अशोक  यादव ने  चंद्राप्रभु होम्स प्रालि इंडिया की आदिनाथ कॉलोनी बायपास रोड ग्राम नायता मुंडला के कॉलोनाइजर सरदारमल जैन, रमेश जैन, योगेश जैन, जिनेश जैन व अन्य से प्लॉट खरीदा था। वर्ष 1997 एवं उसके आसपास के वर्षों में अलग-अलग राशि कुल करीब 15,87,500/-रुपये (जिसका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 15 करोड़ रुपये है) दिए।

कॉलोनाइजर ने 23 साल बीत जाने के बाद भी कोई विकास कार्य न करते हुए आवेदकों को प्लॉट की रजिस्ट्रियां नहीं की। बार-बार कहने पर टालते रहे। इस तरह उनके साथ धोखाधड़ी की गई। शिकायत मिलने पर तेजाजी नगर पुलिस ने सरदारमल जैन, रमेश जैन, योगेश जैन, जिनेश जैन अन्य लाभार्थी के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। बुधवार को पुलिस टीम ने फरार आरोपी रमेश चंद्र पिता रतनलाल जैन निवासी बख्तावरराम नगर इंदौर तथा योगेश पिता सरदारमल जैन निवासी कनाड़िया रोड इंदौर को गिरफ्तार किया। आरोपियों से प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों व अन्य फरार आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। 
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बाहर गैरेज, अंदर बना लिए वेअरहाउस
जांच के दौरान पुलिस ने बायपास जाकर आदिनाथ एस्टेट कॉलोनी की पड़ताल की। पुलिस वहां पहुंची तो दंग रह गई क्योंकि कॉलोनी के नाम पर कुछ भी सुविधा नहीं थी। मेन गेट पर चौकीदार के लिए बनाए कमरे को मैकेनिक को किराए से दे दिया था। वहीं रमेश जैन ने लोगों के प्लॉट पर खुद का कब्जा कर वहां मसाले की फैक्टरी डाल ली। आरोपियों ने यहां कई वेअरहाउस बना दिए और किराए पर दे दिए। पुलिस ने सभी जगहों के दस्तावेज जब्त किए हैं। यह भी जानकारी मिली है कि ये प्लॉट अन्य लोगों के नाम पर पहले से अलॉट थे। इनको ही दूसरों को बेच दिया। 
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