आरोपियों के पास से बरामद की गई नंदी की मूर्ति।
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राजबाड़ा महल स्थित मल्हार मार्तण्ड संग्रहालय से चोरी की गई नंदी की मूर्ति को पुलिस ने बरामद कर लिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिस व्यक्ति को मूर्ति बेची गई थी उसे भी आरोपी बनाया है। 21 किलो वजनी इस मूर्ति की कीमत करीब पांच लाख रुपये है।
पुलिस थाना सराफा में 14 दिसंबर को फरियादी मैनेजर देवस्थान खासगी ट्रस्ट राजेन्द्र पिता सुखदेवप्रसाद जोशी निवासी खातीवाला टैंक जूनी इंदौर ने रिपोर्ट लिखाई थी। फरियादी ने बताया था कि मल्हार मार्तण्ड संग्रहालय राजबाड़ा महल से नंदी की मूर्ति चोरी हो गई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
संग्रहालय से मूर्ति गायब होने का यह संभवतः मामला था और मूर्ति भी 21 किलो वजनी होकर करीब पांच लाख रुपये की थी। इस पर पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और इसके लिए टीम बनाई। एसीपी सराफा एसके तोमर ने बताया कि थाना प्रभारी सराफा सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया तथा घटनास्थल व आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे चेक किए। सीसीटीवी फुटेज में दो संदेही व्यक्ति मल्हार मार्तण्ड संग्रहालय राजबाड़ा महल में दिखाई दिए।
मूर्ति खरीदने वाले को भी पकड़ा
पुलिस ने देखा कि इन दोनों में से एक ने संग्रहालय की गैलेरी में स्थित नन्दी की मूर्ति को झोले में डाला और निकल गया। उनके जाने के रास्ते को पुलिस ने ट्रैस किया। इस पर पुलिस गोम्मटगिरी नया बसेरा मल्टी गांधीनगर पहुंची। फुटेज के आधार पर दोनों संदेहियों की तलाश की गई। पुलिस करन उर्फ कन्नू पिता जीतू बंजारा (18) और संतोष उर्फ अंडा पिता बामनराव गोपने (30) को पकड़कर पुलिस थाने लाई और पूछताछ की। उन्होंने बताया कि मूर्ति चुराकर धरम पिता इन्द्रकुमार प्रजापति निवासी प्रजापतिपुरा बड़ा गणपति इंदौर को बेच दी थी। टीम ने उसे पकड़ा और उसके पास से पीतल की नन्दी की मूर्ति बरामद कर उसे गिरफ्तार किया।
योजना बनाकर गए थे चोरी करने
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पहले संग्रहालय में गए थे। वहां उन्होंने मूर्ति देखी थी। इस पर उसे चुराने का मन बनाया। पता किया था कि संग्रहालय में कब चोरी की जा सकती है इसलिए ऐसे समय पर गए जब किसी की नजर नहीं पड़े और आसानी से चोरी करके बाहर निकल गए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।