कांग्रेस की बैठक में नवनियुक्त महिला कांग्रेस अध्यक्ष जया तिवारी का किया स्वागत
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नगर निगम चुनाव की हलचल तेज होते ही राजनीतिक दलों ने भी तैयारियां तेज कर दी है। भाजपा-कांग्रेस दोनों ही तैयारियों में जुट गए हैं और वार्डों के आरक्षण को समझकर इसके लिए मंथन कर रहे हैं। दावेदार भी अपने लिए वार्ड तलाश रहे हैं। इधर कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है और इसमें मांग उठ रही है कि भीतरघात करने वाले और आपराधिक रिकॉर्ड वाले दावेदारों को टिकट नहीं दिया जाए।
दरअसल, वार्डों का आरक्षण होने के बाद नगर निगम चुनाव के चलते कांग्रेस की पहली बैठक हुई। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव, नवनियुक्त शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष जया तिवारी, स्वप्निल कोठारी, राजेश चौकसे, सेवादल अध्यक्ष मुकेश यादव, चिंटू चौकसे, रमीज खान के साथ एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अमित पटेल उपस्थित रहे। पदाधिकारियों के बीच चुनाव की तैयारियों के साथ बूथ और वार्ड स्तर पर मैनेजमेंट को लेकर चर्चा हुई। यह तय किया गया कि चुनाव के लिए पहले समन्वय समिति, घोषणा पत्र समिति, चुनाव संचालन समिति के साथ एक आईटी सेल भी बनाई जाए। हर वार्ड में चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा जो किसी दूसरे वार्ड का होगा। युवाओं की एक समिति भी सभी 85 वार्डों में होगी। साथ ही वकीलों के समूह की एक लीगल कमेटी भी बनाई जाएगी।
बैठक में सदस्यों ने कहा कि टिकट के लिए दावेदारी जताने वाले हर उम्मीदवार से बायोडाटा के साथ ही अनिवार्य रूप से जाति प्रमाण पत्र लिया जाए। घोषणा पत्र समिति गठित होगी जिसमें निवर्तमान पार्षद, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक को शामिल किया जाए। जो इंदौर की तासीर को अच्छी तरह से जानते हैं उन्हें भी समिति में लिया जाए। समन्वय समिति भी बनाई जाएगी जिसमें पार्टी के वरिष्ठ लोगों को शामिल किया जाएगा जो आपस में समन्वय स्थापित करेंगे। आईटी सेल की जिम्मेदारी विधायक संजय शुक्ला को दी गई। बैठक में चुनाव मैनेजमेंट के बीच उम्मीदवारों के लिए पैमाने तय करने की बात भी उठी। शेख अलीम ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले दावेदारों को टिकट नहीं देने का सुझाव दिया तो पूर्व विधायक अश्विन जोशी और सत्यनारायण पटेल ने भीतरघातियों को भी टिकट न देने की दलील दी।