आदिवासी छात्रों से चर्चा करते हुए मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इंदौर आगमन पर जिन आदिवासी छात्रों ने उनका विरोध किया था उनसे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुलाकात की। छात्रों ने बताया कि उन पर मुख्यमंत्री का विरोध करने का झूठा प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस और जिला प्रशासन पर आरोप लगाए।
दरअसल 25 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर पहुंचे थे। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और शहर में अन्य विकास कार्यों की सौगात दी थी। कार्यक्रमों की कड़ी में आदिवासी छात्र-छात्राओं से संवाद और भोजन का कार्यक्रम पीपल्यापाला स्थित शुभकारज गार्डन में रखा गया था। इसमें शामिल होने के लिए जब मुख्यमंत्री पहुंचे और मंच से संबोधित कर रहे थे तो पीछे से कुछ छात्रों ने हूंटिंग की थी। बाद में जिला प्रशासन और पुलिस ने हूटिंग करने वाले करीब आठ से दस छात्रों को चिन्हित कर प्रकरण दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया। बाद में इन आदिवासी छात्रों को जेल से रिहा करने को लेकर इंदौर युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने रीगल तिराहा स्थित गांधी प्रतिमा पर आंदोलन किया था। इसके बाद आदिवासी छात्रों की रिहाई हो गई थी। विधायक विशाल पटेल और पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष पिंटू जोशी ने आदिवासी छात्रों की भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से उनके निवास पर मुलाकात करवाई, जहां पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा भी मौजूद थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का विरोध करने का झूठा प्रकरण लगाकर जेल भेजा गया।
आदिवासी हितों की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
छात्रों की बात सुनने के बाद कमलनाथ ने आदिवासी समाज के हितों की लड़ाई लड़ने और समाज के साथ किए जा रहे छल को जनता को बताने की बात कही। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि इसकी शुरुआत इंदौर से की जाए। छात्रों से कहा कि कांग्रेस उनके साथ हैं। युवा कांग्रेस आपका साथ देगी। भाजपा मध्यप्रदेश को बदलापुर की राजनीति में बदल कर जो दमनकारी चक्र चलाने का प्रयास कर रही है वह कांग्रेस नहीं होने देगी। पूरे प्रदेश में मीडिया के माध्यम से आदिवासी समाज के साथ किए जा रहे छल को बताया जाएगा।