आरोपी के कब्जे से बरामद चोरी के वाहन
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पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर को पकड़ा है जो पहले होंडा कंपनी में काम करता था और बाद में इसी कंपनी के वाहन चुराने लगा। आरोपी मैरिज गार्डन और सुनसान जगहों से वाहन चुराता था और सस्ते दामों में बेच देता था। यह भी पता चला है कि आरोपी पहले मैकेनिक था और इसी कारण उसे डुप्लीकेट चाबी बनाना आता था, इस कारण आसानी से वाहन चुरा लेता था।
हीरानगर पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चोरी की एक्टिवा सस्ते दाम में बेचने की फिराक में खड़ा है, जो संदिग्ध लग रहा है। पुलिस टीम पहुंची और हिरासत में लिया। गाड़ी के दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ करते घबराकर गोलमोल जवाब देने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर वाहन चुराना स्वीकार किया। जो वाहन चोरी हुआ था उसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई गई थी। अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी ने अन्य जगहों से 16 वाहन चुराए थे। उनको जब्त किया गया। आरोपी सुनसान जगहों जैसे शादी-पार्टी समारोह, शराब दुकान, कनकेश्वरी मंदिर आदि जगहों से वाहन चुराता था। आरोपी का नाम अजय पिता देवीप्रसाद चौरसिया (45) निवासी ग्राम खुराई कचहरी के सामने थाना मकरोनिया जिला सागर हालमुकाम इंदौर है। चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
मास्टर चाबी से खोलता था लॉक
पुलिस ने बताया कि आरोपी अजय पहले एक होंडा शो-रूम में काम करता था। वह जानता था कि गाड़ी पुरानी होने पर उसका लॉक खराब होने लगता है। उसने शोरूम पर काम के दौरान ही बाइक का लॉक किसी दूसरी चाबी से खोलने में महारत हासिल कर ली। आरोपी बाइक या एक्टिवा की कंडीशन देख कर अंदाजा लगा लेता था कि वह कितनी पुरानी है और उसका लॉक अब आसानी से दूसरी चाबी से खुल सकता है या नहीं। इसके बाद वह वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। एक्टिवा चोरी करने के लिए उसने मास्टर चाबी बनाई थी। वाहन को चोरी कर पहले किसी सुनसान इलाके में छिपा देता था इसके बाद गाड़ी के लिए ग्राहक ढूंढने के बाद उसे कम दामो में बेच देता था। आरोपी बार-बार अपना निवास स्थान बदल देता था। उसके खिलाफ इंदौर के विभिन्न थानों में डकैती की योजना, लूट, व चोरी एवं अन्य किस्म के गंभीर अपराध दर्ज हैं।