इंदौर: जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में पीक पर होगा कोरोना
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मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है उसे देखकर जानकारों का कहना है कि जिले में जनवरी माह के अंत तक या फरवरी माह की शुरुआत में महामारी पीक पर पहुंच जाएगी। शनिवार को जिले में बीते 24 घंटों में ही 1852 नए मरीज मिले हैं, जो कि बीते 22 महीनों में एक दिन में दर्ज किए गए संक्रमण की सबसे अधिक संख्या है। महामारी की दूसरी लहर में 25 अप्रैल 2021 को 1841 मरीज सामने आए थे। शनिवार को जिले में कोरोना संक्रामण दर 16.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
इंदौर कोरोना महामारी की तीनों लहरों में सबसे प्रभावित जिलों की सूची में शामिल है। कोरोना की दूसरी लहर में पीक के दौरान जिले में कुल 1,841 मामले आए थे। कोविड-19 की रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे के अनुसार इंदौर में संक्रमण में वृद्धि की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तीसरी लहर जनवरी के अंतिम सप्ताह में या फरवरी की शुरुआत में पीक पर हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिले में एक दिन में 5 हजार से अधिक नए मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि दो प्रतिशत से कम रोगियों को ही वर्तमान में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है, जबकि बाकी मरीज होम आइसोलेशन के दौरान ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर जिले में 80 प्रतिशत नए संक्रमित मरीज बिना लक्षण वाले हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन ने अस्पतालों में 10,000 लोगों को भर्ती करने की व्यवस्था की है। बता दें कि 24 मार्च 2020 से जिले में 1,65,124 कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं। 1398 कोरोना संक्रमित मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 30109 सक्रिय केस हैं।