इंदौर में सूदखोर ने ब्याज के बदले मांगा बच्चा।
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इंदौर में एक सूदखोर ने उधारी के पैसे देने में असमर्थ एक परिवार से सीधे बच्चा ही मांग लिया और कहा कि इसके बाद वह मूल और ब्याज की रकम भूल जाएगा। पीड़ित परिवार ने थाने में केस दर्ज कराया है। दरअसल पीड़ित परिवार ने दो साल पहले सूदखोर से बच्चे के इलाज के लिए करीब एक लाख रुपये की रकम 7 प्रतिशत ब्याज की दर से उधार ली थी। परिवार लगातार ब्याज और मूल रकम नगद में चुका भी रहा था। लेकिन दो महीने पहले परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर परिवार ने ब्याज और मूल रकम नहीं दी, जिस पर सूदखोर ने परिवार पर ब्याज के साथ पेनल्टी लगाकर चार लाख रुपये की मांग की। जब परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने से मना किया तो सूदखोर ने परिवार से बच्चे की मांग की। सूदखोर ने कहा कि वह बच्चा गोद लेना चाहता है, बच्चा देने के बाद वह अपने रुपये और ब्याज के पैसे दोनों छोड़ देगा। इस पर पीड़ित परिवार ने सूदखोर के खिलाफ इंदौर के एमआईजी थाने में शिकायत दर्ज की है।
थाना प्रभारी अजय वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता गीता सिगले निवासी लाला के बगीचे ने प्रमोद बामने टेलर (निवासी अम्बेडकर नगर) और बसंत गायकवाड़ उर्फ बबली (निवासी महेश बाग कॉलोनी) के खिलाफ सूदखोरी के मामले में केस दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रमोद बामने से 30 जनवरी 2020 को 7 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से 1 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। अक्टूबर 2020 तक 50 हजार रुपये नगद के रूप में दे दिए, जिसके बाद 50 हजार रुपये की राशि और उसका ब्याज बचा था, लेकिन सूदखोर प्रमोद बामने अब 4 लाख रुपये की मांग कर रहा है। प्रमोद अपने साथी बसंत गायकवाड़ (उर्फ बबली) को पीड़ित के घर तकादा करने के लिए भेजता है। बसंत दुकान पर आकर धमकी देता है और दुकान व घर पर कब्जा करने की बात करता है।
पीड़ित गीता का कहना है कि दो साल पहले जब उनका पोता पैदा हुआ था तो उसके प्लेटलेट्स कम थे। उन्होंने सूदखोर से पोते के इलाज के लिए मकान की नोटरी, दुकान के कागज और बुलेट मोटरसाइकिल के कागजात गिरवी रखकर रकम उधार ली थी। काफी वक्त से हम उधारी दे रहे हैं लेकिन सिर्फ दो महीने पैसे न देने पर सूदखोर ने बच्चे की मांग की। सूदखोर बसंत की कोई संतान नहीं है, जिसके चलते वो पोते को गोद लेने का दबाव बना रहा है। उसका कहना है कि रुपये मत दो, पोता दे दो। वह उसे गोद ले लेगा। रुपये भूल जाएगा। जब हमने बच्चा देने से इंकार किया तो उसने धमकाना शुरू कर दिया।
मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपी प्रमोद टेलर और उसका साथी बसंत फरार हैं। पुलिस ने सूदखोरों को पीड़ित के घर और दुकान के कागजात थाने में जमा कराने के लिए कहा था लेकिन दोनों नहीं आए। बता दें इससे पहले भी आरोपी प्रमोद टेलर पर 2018 में सूदखोरी के आरोप लगे थे।