कोरोना को लेकर प्रशासन सख्ती बरत रहा है, मगर लापरवाहियां भी जारी हैं। कलेक्टर के आदेश तक को नहीं माना जा रहा है। ऐसा करने में नगर निगम अधिकारी-कर्मचारी सबसे आगे हैं। बार-बार चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों ने बूस्टर डोज नहीं लगवाया। अब 400 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।
दरअसल, कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश जारी किए थे। इसमें कहा था कि सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स नियत समय पर बूस्टर डोज लगवाएं। बूस्टर डोज नहीं लगाने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा। बूस्टर डोज लगाने का सर्टिफिकेट दिखाने पर ही वेतन मिलेगा। इसके तहत अब कार्रवाई भी हो गई है। करीब चार सौ कर्मचारियों का वेतन नगर निगम ने इसीलिए रोक दिया है क्योंकि उन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाया था। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार सुपरवाइजर स्टाफ के 154 कर्मचारियों के साथ ही 107 स्थायी सफाई कर्मचारी और 140 अस्थायी कर्मचारियों का वेतन फिलहाल रोका गया है। इन सभी ने बूस्टर डोज नहीं लगवाया था। इनमें से अधिकांश कर्मचारियों ने अपना स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कही थी, लेकिन अपना मेडिकल सर्टिफिकेट निगम को नहीं दिया था। ऐसे में अब इन कर्मचारियों को अपने बूस्टर डोज का सर्टिफिकेट निगम के लेखा विभाग में दिखाने के लिए कहा गया है। उसके बाद ही ऐसे कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा। निगम का मानना है कि इनमें 200 से ज्यादा सफाई कर्मचारी हैं जिनके कोरोना से संक्रमित होने की अधिक आशंका है क्योंकि ये कोरोना संक्रमित लोगों के घरों के आसपास भी सफाई का काम लगातार करते हैं।