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भोपाल: कोवैक्सीन का टीका लगवाने वाले कपल की कहानी, जानें कैसे हुए जोखिम लेने को तैयार?

Wed, 09 Dec 2020 10:56 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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भारत में कोरोना वैक्सीन - फोटो : Pixabay
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कोरोना से जंग जीतने के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारत बायोटेक और आईसीएमआर की कोवैक्सीन के थर्ड फेज का ट्रायल शुरु हो गया है। इस ट्रायल के लिए वालंटियर की लिस्ट में अब इंदौर भी शामिल हो गया है। शहर के भवानीपुर में रहने वाले एक दंपत्ति मनोज रॉय और उनकी पत्नी ने मंगलवार को पीपुल्स अस्पताल पहुंचकर कोवैक्सीन का पहला डोज लगवाया है। मनोज रॉय ने जब अपनी पत्नी से वैक्सीन ट्रायल के लिए अनुमति मांगी तो न सिर्फ उसने प्रशंसा की बल्कि वह खुद भी टीक लगवाने के लिए तैयार हो गई।

वैक्सीनेशन के लिए 8 दिसंबर अस्पताल बुलाया गया

टीका लगने के बाद दंपत्ति ने मीडिया से अपना अनुभव शेयर किया। मनोज रॉय ने बताया कि वह खुद मेडिकल फील्ड से जुड़े हैं। वह राज्य में वैक्सीनेशन की सप्लाई का काम करते हैं। इसी सिलसिले में उनका भोपाल आना-जाना रहता है। वह पिछले सप्ताह भी भोपाल आए थे। यहां वह वैक्सीन के काम में लगे अधिकारियों से मिले। इसके बाद उनको लगा कि वह वैक्सीन का सप्लाई तो करते ही हैं, लेकिन क्यों न कोरोना की वैक्सीन को लगवाया जाए। यह देशहित में होने के साथ एक नया अनुभव भी होगा। इसके बाद उन्होंने वैक्सीनेशन के लिए अपना आधार कार्ड जमा किया। इसके बाद 8 दिसंबर को वैक्सीनेशन के लिए उन्हें अस्पताल आने के लिए कहा गया।

वैक्सीनेशन की बात से घर वाले खुश हुए: मनोज

 मनोज राय ने जब वैक्सीन लगवाने की बात घर पर कही तो उनके पिता कांतिलाल राय और मां सोनाबाई राय बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा कि यह फैसला बहुत ही अच्छा है। हमें देशहित में यह काम जरूर करना चाहिए। इसके बाद मनोज की बात अपनी पत्नी से हुई, तो उन्होंने न सिर्फ इसके लिए हां की बल्कि खुद भी वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हो गईं।

पूरी प्रक्रिया में लगा 2 घंटे का समय

राय ने बताया कि मंगवार को वैक्सीनेशन के लिए उन्हें अस्पताल बुलाया गया था, इसलिए वह अपनी पत्नी के साथ सुबह ही इंदौर से भोपला के लिए रवाना हो गए थे। जब वह दोनों अस्पताल पहुंचे तो उनका चेक अप हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने उनका ब्लड सैंपल लिया और कोरोना का टेस्ट किया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मनोज और उनकी पत्नी को वैक्सीन के बारे में बताया गया और उनकी काउंसलिंग की गई। पहला डोज मनोज को दिया गया। फिर उनकी पत्नी को वैक्सीन लगाई गई। टीका लगने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें करीब आधे घंटे के लिए बैठने को कहा। मनोज ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिय के लिए उन्हें करीब 2 घंटे का समय लगा। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए 5 जनवरी की तारीख दी और उन्हें वहां से रवाना कर दिया।

वैक्सीन को रखने के लिए निश्चित तापमान जरूरी

चूंकि मनोज वैक्सीन वाली फील्ड से जुड़े हुए हैं तो उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन के लिए 2 से 8 डिग्री तक तापमान होना जरूरी है। उनके मुताबिक उनके पास वैक्सीन के स्टोर की व्यवस्था है। वे चार से पांच लाख वैक्सीन अपने कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं।
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