फर्जी व डबल नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए कांग्रेस ने दर्ज करवाई आपत्ति
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मतदाता सूची से फर्जी और डबल नाम हटाने के लिए कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज करवाई है। कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विशाखा देशमुख के समक्ष निर्धारित प्रारूप में आपत्तियां दर्ज करवाई है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च प्रशासनिक अफसरों के फर्जी व डबल नामों को लेकर आपत्ति लगाई है।
25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इसी दिन कांग्रेस ने ये मुद्दा उठाया और आपत्ति दर्ज करवाई। पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने विहित प्रारूप में आपत्तियां संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को देकर मतदाता सूची से फर्जी एवं दोहरे नाम हटाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों हाई कोर्ट ने दिलीप कौशल की याचिका पर आदेश पारित किए हैं। इसमें कोंग्रेस की लंबित आपत्ति का निराकरण निगम चुनाव की अधिसूचना जारी करने के पूर्व करने और अन्य विवादित नामों पर भी आपत्ति देने की स्वतंत्रता याचिकाकर्ता को दी है। उसी आदेश का हवाला देकर आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विशाखा देशमुख के समक्ष निर्धारित प्रारूप में आपत्तियां दर्ज करवाई।
कांग्रेस ने दिया निजी सर्वे का हवाला
कांग्रेस ने निजी सर्वे का हवाला देकर वार्ड क्रमांक 47 में सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों व अधिकारियों के नाम हटाने का आवेदन दिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष रवि गुरनानी के अनुसार न्यायाधीश जितेन्द्र माहेश्वरी तथा उनके परिजन, हाई कोर्ट कर्नाटक के मुख्य न्यायाधीश सतीशचन्द्र शर्मा एवं उनके परिजन, हाई कोर्ट के न्यायाधीश रहे एसके सेठ के परिजन, एसके अवस्थी के परिजन, पीके जायसवाल एवं परिजन के नाम के साथ न्यायाधीश एनके मोदी का भी नाम मतदाता सूची के भाग 12 में समाहित होने पर आपत्ति दर्ज करवाई है। वहीं इंदौर कोर्ट से ग्वालियर स्थानांतरित हुए न्यायाधीश रोहित आर्य एवं उनके परिजन का नाम भी इंदौर नगर निगम की मतदाता सूची के वार्ड 54 में शामिल है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह, अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर एवं उनके परिजन का नाम भी वार्ड 54 की मतदाता सूची में दो बार होने तथा मनीष सिंह के पुत्र कुशाग्र सिंह का नाम तीन बार अलग-अलग एपिक नंबर का होने से जांच तथा नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज करवाई गई। इंदौर कलेक्टर रहे आकाश त्रिपाठी, लोकेश जाटव एवं निगमायुक्त रहे आशीष सिंह एवं उनके परिजन के नाम भी वार्ड 54 की मतदाता सूची में है। कौशल ने वार्ड 54 के अंतर्गत कई ऐसे नामों पर आपत्ति दर्ज करवाई जिनके नाम दो या दो से अधिक बार भिन्न-भिन्न नंबर से पाए गए। कौशल ने पुनः संदेह जाहिर कर आयोग से मांग कि एक ही व्यक्ति के नाम मतदाता सूची में भिन्न-भिन्न एपिक नंबर से दर्ज हैं जो एक षड्यंत्र प्रतीत होता है। इसकी निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। उन्होंने इसके लिए जांच समिति बनाने की मांग भी आयोग से की है।