मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आए करीब 281 करोड़ रुपये के कथित व्यापक और सुनियोजित हवाला रैकेट के मामले में जांच के लिए आयकर विभाग जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार के शीर्ष अधिकारियों, नेताओं और मुख्यमंत्री कमलनाथ के रिश्तेदारों को तलब करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने कहा कि आयकर विभाग मामले में जांच के लिए भोपाल और कलमनाथ के विधानसभा क्षेत्र छिंदवाड़ा में रहने वाले उनके कुछ करीबी सहयोगियों को भी पेश होने के लिए नोटिस भेज सकता है।
सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग कांग्रेस के कुछ उम्मीदवारों को, जो मध्यप्रदेश की विभिन्न सीटों पर लोकसभा चुनाव में उतरे थे, नोटिस जारी करेगा क्योंकि नकदी और हवाला सौदों का सीधा संबंध चुनावी प्रक्रिया से था। बता दें कि पिछले महीने मध्य प्रदेश और दिल्ली में 52 ठिकानों पर छापे मारे गए थे जिसके बाद विभाग द्वारा तैयार आयकर रिपोर्ट में उनके नाम आए। सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट चुनाव आयोग और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को जमा कर दी गई है।
कमलनाथ और उनके सहयोगियों ने पहले आयकर विभाग की इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताया था। सूत्रों ने कहा कि मामले में जांच को विस्तृत करना है और जिन लोगों की इस मामले में भूमिका सामने आई है, उन्हें कुछ दस्तावेजों और अन्य साक्ष्य दिखाने हैं और उनके बयान भी दर्ज करने हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के कम से कम छह सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, कांग्रेस नेताओं, राज्य सरकार द्वारा नियुक्त कुछ संघों के प्रमुखों, कारोबारी समूहों के कर्ताधर्ताओं, कमलनाथ के परिजनों और कारोबारी साझेदारों, उनके कारोबारी रिश्तेदारों और सहयोगियों से पूछताछ की संभावना है। इनमें कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़ और आर के मिगलानी के नाम भी शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि अब तक ऐसा इसलिए नहीं हो पाया था क्योंकि इनमें से ज्यादातर ने चुनाव में व्यस्त होने की बात कही थी।