मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
छतरपुर जिले में जिला पंचायत सदस्य पद का नामांकन पत्र बिना कारण बताये रद्द किए जाने के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल को चुनाव आयोग ने बताया कि उप चुनाव अधिकारी को चुनाव कार्य से पृथक करते हुए उनके खिलाफ जांच की जाएगी। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण 24 घंटे में करने आदेश जारी किए हैं।
छतरपुर के विजय प्रताप सिंह की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि उन्होंने 4 जून को सभी दस्तावेजों के साथ जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्र दाखिल करने के समय उप चुनाव अधिकारी ने सभी दस्तावेजों को जांचा था। बिना किसी कारण बताये 7 जून को उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। पतासाजी करने पर जानकारी मिली कि एक दस्तावेज जमा नहीं किया गया है।
जिसके बाद उसने चुनाव आयोग के समक्ष आवेदन दायर किया। चुनाव आयोग ने आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से बताया गया कि आयुक्त चुनाव आयोग ने उप चुनाव अधिकारी को चुनाव ड्यूटी से हटाकर उसके खिलाफ जांच का निर्णय लिया है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के चुनाव नामांकन संबंधित अभ्यावेदन पर 24 घंटों में निर्णय लेने के निर्देश जारी किए हैं।