फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gwalior News: गांधी जयंती पर झंडे को लेकर विवाद, फूलबाग में कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने

Thu, 02 Oct 2025 03:19 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

बीजेपी का कहना है कि गांधी किसी पार्टी के नहीं बल्कि पूरे देश के हैं, जबकि कांग्रेस ने इसे अपमानजनक बताया और निंदा की। पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप कर स्थिति नियंत्रित की और फूलबाग क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी।
विज्ञापन
फूलबाग मैदान में गांधी प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्वालियर में गांधी जयंती के दिन एक विवादास्पद घटना सामने आई है, जब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। घटना फूलबाग में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान हुई। गांधी जयंती के अवसर पर दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता बापू को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए झंडों को उखाड़कर फेंक दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

दो अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन सबसे पहले कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता फूल बाग स्थित गांधी प्रतिमा पर पहुंचे। उन्होंने बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और अपने पार्टी के झंडे लगाए।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे गांधी जी के विचारों का सम्मान करते हैं और हर साल इस दिन बापू को श्रद्धांजलि देने आते हैं। उनके झंडे और बैनर प्रतिमा के आसपास सजाए गए थे। इसके बाद बीजेपी के सांसद, जिला अध्यक्ष और कई कार्यकर्ता भी गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने देखा कि कांग्रेस के झंडे प्रतिमा के पास लगे हैं। इससे नाराज होकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सांसद और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में ही कांग्रेस के झंडों को उखाड़कर फेंक दिया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- फोन पर बच्चे ने की ऐसी शिकायत, पिघल गया प्रधान आरक्षक का दिल, कुरकुरे लेकर पहुंचे घर, देखें वीडियो
विज्ञापन


इस घटना ने दोनों दलों के बीच तनाव पैदा कर दिया। बीजेपी का कहना था कि महात्मा गांधी किसी एक पार्टी के नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश के प्रतीक हैं इसलिए किसी भी पार्टी का झंडा वहां लगाना उचित नहीं है। इस घटना ने स्थानीय लोगों और नेताओं के बीच बहस छेड़ दी। कुछ लोगों का मानना है कि गांधी जयंती जैसे अवसर पर राजनीतिक दलों को अपनी पार्टी की पहचान से ऊपर उठकर एकजुटता दिखानी चाहिए। वहीं कुछ का कहना है कि झंडे हटाने की कार्रवाई अनावश्यक थी और इससे माहौल खराब हुआ। कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की और कहा कि बीजेपी ने जानबूझकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई। पुलिस ने इस मामले में तनाव को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित किया।फूल बाग क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई, ताकि कोई बड़ा विवाद न हो।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया कि गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर राजनीतिक दलों को अपने मतभेद भुलाकर एकता का संदेश देना चाहिए।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें