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MP News: कुत्तों की नसबंदी को लेकर ग्वालियर में हंगामा, कुत्ते के शव को कमिश्नर की गाड़ी के सामने डाला

Mon, 25 Nov 2024 06:17 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

कुत्तों की नसबंदी को लेकर ग्वालियर में हंगामा हो गया। कुत्ते के शव को लेकर एनिमल लवर्स नगर निगम दफ्तर पहुंचे और कमिश्नर की गाड़ी के सामने रख दिया।
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कुत्ते के शव को कमिश्नर की गाड़ी के सामने डाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्वालियर में आज आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर हंगामा देखने को मिला। एनिमल लवर्स नगर निगम दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने नगर निगम कमिश्नर अमन वैष्णव की गाड़ी के सामने कुत्ते के शव को डालकर प्रदर्शन किया। एनिमल लवर्स आरोप है कि नसबंदी के दौरान लगातार लापरवाही बरती जा रही है। इसके साथी आरोप लगाया है कि नगर निगम ने नसबंदी के लिए एक करोड़ का टेंडर किया है। इसमें अनफिट डॉक्टरों के द्वारा कुत्तों की नसबंदी की जा रही है, जिसके कारण कुत्तों की मौत हो रही है।

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एनिमल लवर्स छाया तोमर ने आरोप लगाया है कि नगर निगम कुत्तों की नसबंदी के लिए एक करोड़ का ठेका दिया है। इसी को लेकर इस डॉगी की नसबंदी की गई थी और नसबंदी के बाद आज उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर निगम में नसबंदी के दौरान अगर स्वीपर इंजेक्शन लग रहा है तो आप समझ सकते हैं कि कितनी बड़ी लापरवाही है, इसलिए कुत्तों की मौत हो रही है।

वहीं, नसबंदी अभियान प्रभारी अनूप शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद यह पूरी तरह ठीक हो गया था और उसके बाद उसको फेवर आना शुरू हुआ। उसके बाद डॉक्टरों ने इसका इलाज भी किया था, लेकिन ट्रीटमेंट के दौरान ही इसकी मौत हो गई। मतलब नसबंदी के दौरान तीन से चार हजार ऑपरेशन हुए हैं। उनमें से कोई केस ऐसा होता है, जो डॉगी कमजोर होता है या पहले से ही बीमार होता है। वहीं, अनुभवी डॉक्टरों के द्वारा नसबंदी कराई जाती है और सभी डिग्री और डिप्लोमा करे हुए हैं, वहीं सीनियर डॉक्टर की देखरेख में यह सारे काम होते हैं।
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गौरतलब है कि ग्वालियर में लगातार आवारा कुत्तों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। हालत यह है कि दिन हो या रात यह वाला कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि रोज ग्वालियर जिले में 300 से अधिक आवारा कुत्तों के द्वारा काटने के मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं, आम नागरिकों का कहना है कि हर गली मोहल्ले में कुत्तों का आतंक है। यही वजह है कि घर से निकलने में भी लोगों को डर लग रहा है। इसके साथ ही यह आवारा कुत्ते सबसे ज्यादा बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। इसलिए बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

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