फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gwalior: अपनी आशिकी छिपाने तीन साल के मासूम को छत से फेंका, हत्या के बाद आने लगे डरावने सपने तब खुला भयानक राज

Tue, 05 Sep 2023 12:53 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पुलिस कांस्टेबल की पत्नी ने प्रेम छिपाने की खातिर अपने ही तीन साल के मासूम को छत से फेंक कर मार डाला। 
 
विज्ञापन
ज्योति ने उदय के साथ अपने रिश्ते को छिपाने के लिए बेटे सनी की हत्या कर दी। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

क्या कोई मां अपनी मोहब्बत छिपाने के लिए अपने ही जिगर के टुकड़े की हत्या कर सकती है? सुनने में बात अजीब-सी लगेगी, लेकिन ग्वालियर में ऐसा हुआ है। तीन साल के मासूम सनी उर्फ जतिन राठौर की मौत का राज सामने आया तो उसके पुलिस कांस्टेबल पिता ध्यान सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई। 

विज्ञापन


पुलिस कांस्टेबल ध्यान सिंह की पत्नी ज्योति राठौर के अपने ही पड़ोसी उदय इंदौलिया से अनैतिक संबंध थे। उसने 28 अप्रैल को घर की छत से तीन साल के मासूम जतिन को फेंककर मार डाला था। मासूम का कसूर इतना ही था कि उसने अपनी मां को प्रेमी की बाहों में झूलते हुए देख लिया था। महिला को लगा कि उसका बेटा उसके प्रेम संबंधों के बारे में पति को बता देगा। उसने घबराकर सनी उर्फ जतिन को छत से फेंक दिया। दो मंजिल से गिरने के कारण बच्चे के सिर में गंभीर चोंटे आई और जयारोग्य अस्पताल में एक दिन इलाज के बाद 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। 

डरावने सपनों से खुला राज
पुलिस कांस्टेबल ध्यान सिंह सहित घर के सभी लोग मानकर चल रहे थे कि असावधानीवश छत से बेटे का पैर फिसला और वह गिर गया। इसी वजह से उसकी मौत हो गई। हालांकि, जतिन की मौत के बाद से ही ज्योति को डरावने सपने आने लगे। उसे सपने में अपना बेटा दिखाई देने लगा। आखिरकार उसने अपने पति के सामने अपना पाप कबूल कर लिया। 
विज्ञापन


कांस्टेबल ने ऑडियो और वीडियो रिकॉर्ड किए
कांस्टेबल ध्यान सिंह ने ज्योति के कबूलनामे की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग बनाई। फिर आवेदन के साथ थाटीपुर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने कार्रवाई  करते हुए ज्योति राठौर को गिरफ्तार कर लिया था। अब उसके प्रेमी उदय इंदौलिया को भी गिरफ्तार कर लिया है । घटना के समय उदय भी छत पर ही मौजूद था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें