बाबाओं से संविधान के बारे में बातचीत करते हुए
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ग्वालियर में भी 26 जनवरी को 74वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस दौरान लोग जश्न में डूबे हुए नजर आए। लेकिन आम लोग इसके बारे में कितना जानते हैं और गणतंत्र से उन्हें आखिर क्या मिला। यह जानने के लिए ग्वालियर में पदस्थ एक पुलिस अधिकारी रात को सड़क पर निकले और राहगीरों से बातचीत की। इस दौरान लोगों ने बड़े ही रोचक और ज्ञानवर्धक जबाव दिए। साथ ही बताया कि अगर संविधान न होता तो वे क्या कर रहे होते। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
बता दें कि घाटीगांव सर्कल में पदस्थ डीएसपी संतोष पटेल द्वारा बनाए और वायरल वीडियो में वे एक ऑटो रोककर उसके चालक से पूछते हैं कि आज 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस है। अगर संविधान न होता तो क्या कर रहे होते? तो वह जबाव देता है कि गणतंत्र नहीं होता तो मजदूरी कर रहे होते। आज संविधान और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की बजह से ऑटो चला रहे हैं और इज्जत की जिंदगी जीकर खुश हैं।
पन्नी बीनने वाला बोला- भारत माता की जय...
फिर अफसर सड़क से पन्नी बीनने वाले एक अधेड़ को रोककर पूछते हैं कि जानते हो 26 जनवरी को क्या हुआ था? तो वह खामोश रहता है लेकिन यह कहता है कि भीमराव अंबेडकर को जानता हूं और फिर भारत माता की जय बोलते हुए आगे बढ़ जाता है।
साधु बोले- संविधान न होता तो हम भजन नहीं कर पाते...
इसके बाद डीएसपी साधुओं के एक डेरे में पहुंचकर उनसे भी वही सवाल पूछते हैं तो साधु कहता है कि संविधान ने हमे आजादी दी। बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान बनाया। अगर ये नहीं होता तो हम गुलाम होते और ऐसे स्वतंत्र होकर भजन नहीं कर पा रहे होते।
युवक बोले- संविधान की जय हो...
इसके बाद डीएसपी साहब सड़क पर पैदल-पैदल जा रहे कुछ युवाओं को रोककर पूछते हैं तो वे गणतंत्र दिवस, संविधान और बाबा साहब अंबेडकर के बारे में सब कुछ बताते हैं और फिर कविता भी सुनाते हैं। दिन गुजरता है काम में, रात गुजरती है संविधान की, जय हो भारत देश की, जय हो संविधान की।
लोगों से पूछा- कैसे दिखते हैं अंबेडकर...
पुलिस अधिकारी ने दर्जनों लोगों को रोक-रोककर संविधान, गणतंत्र दिवस और अंबेडकर से जुड़े सवाल पूछे और ये भी पूछा कि वे कैसे पहचानते हैं कि वे अंबेडकर है तो लोगों ने कहा उनकी मूर्ति में एक उंगली आगे रहती है और दूसरे हाथ में संविधान की किताब रहती है।