पंचों के सामने पेश हुए दोनों पक्ष
लगभग 03 घंटे तक चली मजिस्ट्रेट महादेव की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया। छोटी-छोटी नोकझोंक के बीच वक्त आया मंदिर की मान्यताओं को निभाने का। जिसके तहत मजिस्ट्रेट महादेव के दरबार यानी गर्भगृह में दोनों पक्षों को पंचों की मौजूदगी में पेश किया गया। मासूम रीतेश पाल की मां सपना, मामा, मामी के अलावा पिता जसवंत, दादा सहित संदेही रिश्तेदारों ने महादेव की धरम यानी कसम उठाई। दोनों ने कसम उठाते हुए कहा कि मासूम रितेश पाल के अपहरण या कोई भी घटना कारित करने, उसमे मदद करने में उनका कोई हाथ नहीं है। हालांकि दोनों पक्षों के द्वारा उठाई गई कसम से फिलहाल अभी यह साफ नहीं हो सका है कि आखिर रीतेश कहां है।
मां बोली- मजिस्ट्रेट महादेव पर भरोसा
रीतेश की मां सपना पाल का कहना है कि पुलिस एक महीना बीत जाने के बाद भी उनके बच्चे को खोज नहीं पाई है। ऐसे में पुलिस से उम्मीद खत्म होने के बाद मजिस्ट्रेट महादेव पर भरोसा किया है। महादेव के दरबार में उठाई गई कसम तय करेगी कि कौन लोग रितेश के अपहरण में दोषी या सहयोगी हैं। वहीं पिता जसवंत पाल का कहना है कि मजिस्ट्रेट महादेव ही अब न्याय करेंगे। दोनों पक्षों ने जो आरोप एक दूसरे पर लगाया, उसके बाद सभी ने पंचों की मौजूदगी कसम उठाई। यदि किसी ने भी झूठी कसम उठाई तो सजा का फैसला मजिस्ट्रेट महादेव करेंगे।
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