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MP News: आदर्श गौशाला लाल टिपारा में 15 गोवंशों की मौत, 25 करोड़ का बजट फिर भी तड़प-तड़प कर मर रहे पशु

Sat, 20 Dec 2025 04:55 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

प्रदेश की आदर्श गौशाला लाल टिपारा में 15 गौवंशों की मौत से गंभीर लापरवाही सामने आई है। शवों को छुपाने का आरोप है। नगर निगम हर साल 25 करोड़ खर्च का दावा करता है, लेकिन इलाज और व्यवस्थाएं नदारद हैं। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

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आदर्श गौशाला लाल टिपारा का हाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश की आदर्श गौशाला लाल टिपारा में 15 गौवंश मर गए और स्टाफ मौतों को छुपाने की कोशिश में लगा रहा। शव एक-दूसरे पर कूड़े की तरह फेंके गए थे। निगम हर साल गौशाला पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीन पर नतीजा मौतें, बदइंतजामी और गैरजिम्मेदाराना रवैया। इस गौशाला में 10 हजार से ज्यादा गौवंश रखे गए हैं। चिकित्सक पदस्थ जरूर हैं, लेकिन इलाज नाम की चीज नदारद है। बीमारियां फैल रही हैं, हादसों में घायल गाय दम तोड़ रही हैं।

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मेडिकल ऑफिसर आशुतोष आर्या ने बताया क्षेत्र में एक गाय बीमार अवस्था में घूम रही थीं। उसके पैर में सूजन और कीड़े थे। मैंने 15 दिन तक खुद के खर्च पर इलाज कराया। वह काफी ठीक हुई। फिर उसे लाल टिपारा गौशाला छोड़ आया। गौशाला पहुंचा तो गाय मर चुकी थी और 14-15 गाय टिनशेड में एक के ऊपर एक मृत पड़ी थीं। गायें कैसे मरीं, स्टाफ बताने को तैयार नहीं था। चिकित्सक डॉ. गिरधारी ने अजीब तर्क दिया कि उपचार किया था, पर गायें खुली होंगी तो टकराकर मर गई होंगी। कलेक्टर से भी शिकायत की है। वहीं नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय का कहना है कि गौशाला में गायों के मरने की जानकारी मिली है। मामले की इंटरनल जांच कराएंगे। 

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 गौशाला में बीमार गायों के लिए बनाए गए विशेष सेक्शन में वर्तमान में लगभग 400 से 500 गाय उपचाराधीन हैं। इनमें से करीब 50 से 60 गायों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनकी स्थिति में सुधार के लिए लगातार इलाज किया जा रहा है।

गौशाला के निरीक्षण के दौरान ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने गायों की आवक जावक से जुड़े रजिस्टर, बीमार होकर आने वाली गायों की संख्या, उपचार के बाद स्वस्थ होकर छोड़ी गई गायों का रिकॉर्ड, वर्तमान में इलाजरत गोवंश और मृत गायों के निपटान की व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज देखे और अधिकारियों से जानकारी ली।
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इस संबंध में नगर निगम उपायुक्त मुनीश सिकरवार ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गौशाला का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश गायें स्वस्थ स्थिति में हैं, जबकि कुछ गायें गंभीर हालत में हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।मृत गायों के पोस्टमॉर्टम को लेकर उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमॉर्टम भी कराया जाता है। 

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