पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को आज यानी शनिवार को जमानती वारंट पर विशेष न्यायालय ने तलब किया था। इसी को लेकर पूर्व सीएम जिला कोर्ट में पेश हुए। मामले में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को की जाएगी।
न्यायालय में पेश होने के बाद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत की और कहा, इस प्रकार का केस पहली भी मुझ पर लग चुका है। लेकिन हैरान करने की बात यह है कि जो संस्था रजिस्टर्ड ही नहीं है और न ही मेंबरशिप और अकाउंट है। उसकी मानहानि मैंने कैसे कर दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा, इस मामले में जज साहब ने मुझे जमानत दे दी है।
गौरतलब है कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने 31 अगस्त 2019 को भिंड जिले में एक राजनीतिक कार्यक्रम में बीजेपी और आरएसएस पर एक बयान दिए थे। दिग्विजय सिंह ने कहा था, बीजेपी और आरएसएस आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है। साथ ही उन्होंने अपने बयान में कहा था, जितने भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पाए गए हैं, वह बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल से पैसे ले रहे हैं।
बता दें कि पूर्व सीएम ने इन्हें पाकिस्तान के जासूस बता दिया था। इसी बयान को आधार मानकर अधिवक्ता अवधेश सिंह भदोरिया ने मानहानि का केस लगाया। केस को लेकर विशेष न्यायालय ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को जमानत ही वारंट पर तलब किया था, जिसको लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह न्यायालय में पेश हुए। जमानत मिलने के बाद इस मामले की सुनवाई 22 नवंबर को की जाएगी।