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मध्यप्रदेश: ग्वालियर अस्पताल में कोरोना मरीज के गहने चोरी, मामला दर्ज

Mon, 17 May 2021 01:27 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

अस्पताल में भर्ती करते समय कोरोना मरीज सरला तोमर दोनों हाथ में सोने की अंगूठी, एक अंगूठी में डायमंड लगा था। इसके अलावा कान में टॉप्स, पैरों में पायल, बिछिया व नाक में लोंग पहने थीं।
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ग्वालियर अस्पताल में कोरोना मरीज के गहने चोरी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना के इस दौर में कुछ लोग गलत काम करने से नहीं चूकते हैं। मामला मध्यप्रदेश के ग्वालियर अस्पताल का है जहां कोरोना मरीज महिला की मौत के बाद उसके सोने और हीरे के गहने चोरी कर लिए। घटना 15 दिन पुरानी है, इसके अब सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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महिला के पति अरुण सिंह तोमर उपभोक्ता फोरम में जज हैं जो सचिन तेंदुलकर मार्ग स्थित टाउनशिप निवासी हैं। उनकी पत्नी सरला तोमर 19 अप्रैल को कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई, फिर उन्हें बिड़ला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यह घटना 29 अप्रैल को बिड़ला अस्पताल में घटी। 

29 अप्रैल की रात 11 बजे करीब सरला देवी की मौत हो गई। उनको परिजनों को सूचना दी तो जज के बेटे राघवेन्द्र सिंह हॉस्पिटल पहुंचे। यहां बकाया बिल 3.11 लाख रुपए भी जमा किए। उस समय तक महिला के शव को कोविड बैग में पैक कर मुक्तिधाम के लिए भेज दिया गया था। डॉक्टर ने एक लोंग व पायल परिजन को सौंप दी। शेष सामान उनके कपड़े के बैग में रखा होने की बात कही।
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इसके बाद, कोरोना गाइडलाइन से महिला का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दो से तीन दिन बाद जब परिजन ने उनका बैग खोला, तो उसमें गहने नहीं थे। साथ ही, पेशेंट का ऑक्सीमीटर व एक हजार रुपए नकदी भी गायब थे। 

पुलिस ने मामले में रविवार को जज के बेटे राघवेन्द्र सिंह की शिकायत पर बिड़ला हॉस्पिटल के अज्ञात वार्ड बॉय के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में  गोला का मंदिर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब सीसीटीवी की मदद से कैमरों की फुटेज देखकर चोरी करने वाले की पहचान की जाएगी।

अस्पताल वालों नहीं की कोई मदद
मामले में इतनी देरी से एफआईआर का कारण यह है, जब गहने बैग में नहीं मिले, तो जज के बेटे ने बिड़ला हॉस्पिटल प्रबंधन को मामले की सूचना दी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वह हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर आरोपी को बेनकाब करेंगे। ऐसा हुआ नहीं। वह मामले को टालते गए। इसके बाद राघवेन्द्र ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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